हरियाणा सरकार ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नई नीति के तहत अब फ्लैट मालिक अपने नाम पर व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन ले सकेंगे। इसके लिए ऊर्जा विभाग नई नीति का मसौदा तैयार कर रहा है।
वर्तमान में अधिकांश निजी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में मुख्य बिजली कनेक्शन बिल्डर या डेवलपर के नाम पर होता है। यदि बिल्डर बिजली बिल का भुगतान नहीं करता, दिवालिया हो जाता है या किसी कानूनी विवाद में फंस जाता है, तो इसका असर सोसायटी में रहने वाले परिवारों पर भी पड़ता है। कई बार नियमित बिल भरने वाले निवासियों को भी बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक फ्लैट मालिक का सीधा संबंध बिजली निगम से होगा। बिजली बिल भी उपभोक्ता के नाम पर जारी होगा, जिससे बिल्डर की वित्तीय स्थिति या परियोजना से जुड़े विवादों का असर बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा।
ऊर्जा विभाग नई नीति में यह भी तय करेगा कि किन परिस्थितियों में बिल्डर के नाम चल रहे सामूहिक बिजली कनेक्शन को व्यक्तिगत कनेक्शनों में बदला जाएगा। इसके साथ ही पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, तकनीकी मानक और बिजली निगम की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की जाएंगी।
पिछले कुछ समय से कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के निवासी व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन की मांग कर रहे थे। कुछ मामलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद अलग-अलग उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत कनेक्शन दिए गए थे। अब सरकार पूरे प्रदेश के लिए एक समान नीति लागू करने की तैयारी में है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से बिलिंग और शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, सेवाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और हजारों परिवारों को लंबे समय से चली आ रही बिजली संबंधी समस्याओं से स्थायी राहत मिलेगी।

