मौसम विभाग ने आज कहीं- कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है। उसके बाद आगामी कुछ दिन मौसम साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। बुधवार से फिर मौसम बदल सकता है। जिले में करीब 2.15 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल है।
जनवरी व फरवरी के पहले पखवाड़े में सामान्य से कम वर्षा होने और तापमान ज्यादा रहने की वजह से गेहूं की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ा है। आगामी दिनों में भी तापमान ज्यादा रहता है और तेज हवा चलती है, तो उत्पादन घटने की आशंका है।
कृषि विज्ञान केंद्र पिंडारा के मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से जिले में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा और बाकी स्थानों पर बूंदाबांदी हुई है। आगामी कुछ दिन मौसम साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
हरियाणा के जींद जिले में वीरवार रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बिछा दिया है। आज भी बादल छाए रहेंगे तो कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
रात को जींद के 30 से ज्यादा गांवों में ओले पड़े। 20 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चली हवाओं के कारण गेहूं की फसल नष्ट हो गई है। ओलावृष्टि से गेहूं के साथ-साथ सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है।

नरवाना के दातासिंहवाला, उझाना, बेलरखां, भाणा ब्राह्मणान, नेपेवाला, सिंघवाल, खरकभूरा, उचाना, बड़ौदा, घोघड़ियां, कहसून, खटकड़, झांझ, बड़ौदी, अहिरका, जींद, मोरखी, लुदाना मालश्री खेड़ा समेत 30 से ज्यादा गांवों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई।
करीब 10 से 15 मिनट तक केवल ओले ही पड़े। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। ओलावृष्टि से सरसों की फसल पर आया फल झड़ गया है। करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। जिन किसानों ने गेहूं की फसल में पिछले दो- तीन दिनों के दौरान सिंचाई की है, वो फसल तेज हवा चलने की वजह से गिर गई है। फसल गिरने से उत्पादन घटेगा।
