हरियाणा में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री राव नरेंद्र सिंह के नारनौल स्थित पुश्तैनी निवास पर देर रात हथियारबंद बदमाशों ने घुसने की कोशिश की। गनीमत रही कि घर के स्टाफ की समय रहते आंख खुल गई और शोर मचाने पर बदमाश मौके से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार महेंद्रगढ़ रोड स्थित शिव कॉलोनी में बने पुश्तैनी मकान में घटना के समय राव नरेंद्र सिंह के भाई राव देवेंद्र सिंह, उनकी पत्नी, बेटा और दो मासूम बच्चियां घर में मौजूद थे। घटना तड़के करीब 3 बजे की बताई जा रही है।
CCTV के तार काटे, ताले तोड़कर घुसने की कोशिश
राव देवेंद्र सिंह के अनुसार 4 से 5 हथियारबंद बदमाश पड़ोस के प्लॉट की दीवार फांदकर घर के पिछले हिस्से में दाखिल हुए। बदमाशों ने सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काटे और फिर सर्वेंट क्वार्टर में सो रहे कर्मचारियों के कमरों को बाहर से बंद कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने घर के पिछले दरवाजे का ताला कटर से काट दिया और कुंडी तोड़ने का प्रयास किया।
स्टाफ ने देखे हथियार, शोर मचाते ही भागे बदमाश
ताले काटने की आवाज सुनकर स्टाफ की नींद खुल गई। जब उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की तो दरवाजे बाहर से बंद मिले। कर्मचारियों ने खिड़की से झांककर देखा तो बदमाशों के हाथों में पिस्तौल, रिवॉल्वर और कुल्हाड़ी जैसे हथियार दिखाई दिए।
स्टाफ द्वारा शोर मचाने और हलचल बढ़ने पर बदमाश मौके से दीवार फांदकर फरार हो गए। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कटे ताले, जूतों के निशान व CCTV के कटे तार बरामद किए।
गैंगस्टरों और माफिया से रंजिश की आशंका
पीड़ित परिवार ने इस घटना के पीछे संगठित अपराध गिरोहों और माफिया नेटवर्क का हाथ होने की आशंका जताई है। शिकायत में कहा गया है कि राव नरेंद्र सिंह लगातार लॉरेंस बिश्नोई गैंग, अर्शदीप डल्ला गैंग, रोहित गोदारा गैंग समेत कई आपराधिक गिरोहों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते रहे हैं।
इसके अलावा महेंद्रगढ़, नारनौल और मेवात क्षेत्र में सक्रिय माइनिंग माफिया, शराब माफिया और ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ भी वह लगातार मुखर रहे हैं। इसी वजह से इस हमले को सुनियोजित साजिश माना जा रहा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
