रोहतक में शनिवार को ही पुलिस ने शहर के तीन अलग-अलग बाजारों से तीन दुकानों से कुल 135 चाइनीज मांझे बरामद किए थे। दुकानदारों पर केस भी दर्ज किए गए थे, इसके बाद भी जिले में शनिवार व रविवार को चाइनीज मांझे से घायल होने के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए।

रोहतक में चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्ती हुई तो कारोबारियों ने नया तरीका निकाल लिया। खुलेआम मांझे की बिक्री करने के बजाए अब सेल्समैनों की माध्यम से इसकी बिक्री की जा रही है। पिछले दो दिनों में सड़कों पर लहूलुहान हुए वाहन सवार इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। चंद पैसों के लालच में दुकानदार के ये सेल्समैन पिठ्ठू बैग लिए बाजार में मौत का समान बेच रहे हैं।

पतंग व मांझे का कारोबार करने वाले नीरज गुप्ता का कहना है कि चाइनीज मांझे को लेकर प्रशासन की छापेमारी तो ठीक है लेकिन, इस मांझे के आयात पर ही रोक लगानी चाहिए। तभी छुटकारा मिल सकेगा। दिल्ली के लालकुआं में पतंग व मांझों का बड़ा बाजार है। यहीं से रोहतक व प्रदेश के अन्य शहरों में चायनीज मांझे की खपत होती है।

चाइनीज मांझे से हो रहे हादसे को लेकर डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी की है। जिसमें उन्होंने 15 अगस्त तक दो पहिया वाहन चलाते समय गले को कवर करके चलने की लोगों से अपील की है। उन्होंने यह अपील हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं की है। डीसी ने यह भी अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

 चायनीज मांझे में उलझकर तीज के दिन गुरुनानकपुर निवास अमित, बहादुरगढ़ निवासी नरेश व पीजीआई कर्मी मंजीत निवासी टिटोली को चोट आईं थीं। अमित पिता को दवाई दिलाने बाइक पर ले जा रहा था, गोहाना अड्डे पर चायनीज मांझे ने उसकी गर्दन में चोट पहुंचा दी थी। वहीं बहादुरगढ़ निवासी नरेश शहर में किसी काम से आया था यहां से लौटते वक्त एलीवेटेड रोड पर उसके संग हादसा हुआ। पीजीआई कर्मी मंजीत ड्यूटी के बाद टिटोली लौट रहा था, गांव से पहले ही चायनीज मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया था।

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