रोहतक पीजीआई के सुसाइड करने वाले डेंटल सर्जन डॉ देवेंद्र के परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आज दोपहर रोहतक के अंबेडकर चौक पर जाम लगाया दिया। परिजनों की मांग है कि पोस्टमार्टम दोबारा द्वारा कराया जाए क्यों कि यह कोई सुसाइड नहीं हत्या है, हमारे बच्चे को मार के लटकाया गया है। साथ ही परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की है। दरअसल परिजन आरोपियों (जिन जिनका नाम सुसाइड लेटर में लिया गया है) की गिरफ्तारी से पहले पोस्टमॉर्टम करवाने के इच्छुक नहीं थे जिसके चलते परिजनों ने जबरन पोस्टमॉर्टम करने के भी आरोप लगाए हैं।

मौके पर पहुंचे एसपी व पुलिस बल द्वारा परिजनों को समझाये जाने के बाद भी परिजन नहीं माने जिसके चलते पुलिस को कार्रवाई का डर भी दिखाना पड़ा। जिसके बाद परिजन व ग्रामीण सड़क से हटे। जिसके चलते करीब आधे घंटे तक सड़क पर यातायात बाधित रहा।

पुलिस के अनुसार, मृतक डॉ देवेंद्र मौके पर सुसाइड नोट छोड़कर गए हैं, जिसमे लिखा है कि एक गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद वह काफी टूट गए थे और गल्फ्रेंड का दूसरा बॉयफ्रेंड भी जो उन्हें बेवजह फोन करके परेशान कर रहा है। मृतक डॉक्टर ने यह कदम उठाने से पहले अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है।
उसके दो भाई हैं, वह भी डॉक्टर हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्होंने किसी कागज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, और आरोपियों के पकड़े जाने तक पोस्टमार्टम कराने से मना किया था, लेकिन उनकी मर्जी के खिलाफ पोस्टमार्टम कर दिया गया है।
मंगलवार हुई घटना
रोहतक शहर निवासी डेंटल सर्जन डॉ देवेंद्र (23) ने मंगलवार शाम लगभग पांच बजे बॉयज हॉस्टल के अपने जूनियर्स के कमरे पहुँचे, उस समय कमरे के तीनों छात्र परीक्षा देने गए हुए थे। इस बीच डॉ. देवेंद्र ने शॉल से कमरे के छज्जे पर फंदा लगाकर जान दे दी। जूनियर छात्र रविंद्र जो सबसे पहले एग्जाम देकर वापिस आए ने बताया कि 5:30 बजे के करीब जब वो लौटे तो कमरे का दरवाजा खोलते ही उन्हें डॉ. देवेंद्र का शव लटका देखा। जिसे देख उन्होंने भागकर हॉस्टल प्रबंधन और अपने साथियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर आए मृतक डॉ. देवेंद्र के पिता बलजीत ने बताया कि उनका बेटा सुबह घर से खाना खाकर और लंच लेकर निकला था। वह रोजना घर से ही कॉलेज आता था। उसके व्यवहार से कहीं ऐसा नहीं लगा कि वह इस प्रकार का कदम उठाएगा, इसकी जांच होनी चाहिए।


