हरियाणा में धार्मिक आस्था, पाखंड और दरबारों की फंडिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जाट आरक्षण आंदोलन दंगों के आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा और हांसी स्थित श्री बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी के बीच कंट्रोवर्सी शुरू हो गई है।

धर्मेंद्र हुड्डा ने एक नया वीडियो जारी कर हरियाणा में पनप रहे कथित पाखंडवाद को आतंकवाद करार दिया है। हुड्‌डा ने कहा- डिजिटल बाबा पाखंड की दुकान चला रहे हैं। इनमें इतना ही ज्ञान और भविष्य देखने की क्षमता है तो यह बताएं कि मनीषा हत्याकांड किसने करवाया था?

उधर, हांसी बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी ने हुड्‌डा के इस बयान पर सबसे पहले प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- किसी हुड्‌डा- सूड्डा, पुड्डा के घर में कोई दिक्कत है, तो वह आए और दरबार में फरियाद करे। अपराधों की जांच करना सरकार और CBI का काम है, किसी बाबा का नहीं। सरकार हमने और आपने चुनी है।

धर्मेंद्र हुड्डा का बाबाओं पर तीखा हमला, यू-ट्यूबरों और फंडिंग पर भी उठाए सवाल
पाखंड को बताया समाज के लिए खतरा: धर्मेंद्र हुड्डा ने वीडियो जारी कर कहा कि धार्मिक ढोंग और पाखंड समाज को अंदर से कमजोर कर रहा है। उन्होंने ऐसे स्वयंभू बाबाओं की तुलना खुले घूमते सांडों से करते हुए कहा कि इनके खिलाफ समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
यू-ट्यूबरों पर साधा निशाना: हुड्डा ने आरोप लगाया कि कुछ यू-ट्यूबर पैसे के लिए झूठे दावे और प्रचार करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के नाम पर वीडियो बनाकर आम जनता को भ्रमित किया जाता है।
मनीषा हत्याकांड का किया जिक्र: हुड्डा ने कहा कि यदि कुछ बाबा भविष्य बताने का दावा करते हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मनीषा हत्याकांड का आरोपी कौन है और इस वारदात के पीछे किसका हाथ था।
फंडिंग और लग्जरी लाइफस्टाइल पर सवाल: हुड्डा ने आरोप लगाया कि आम लोग साइकिल पर चलते हैं, जबकि कथित बाबा महंगी मर्सिडीज जैसी गाड़ियों में घूमते हैं। उन्होंने दावा किया कि अर्जी के नाम पर लोगों से 500 रुपये तक लिए जाते हैं और रोजाना करीब 1800 से 2000 लोग ऑनलाइन दरबार में जुड़ते हैं।

  1. मनीषा हत्याकांड का खुलासा CBI करेगी: हुड्‌डा के आरोपों पर जवाब देते हुए महंत दिनेश पुरी ने कहा कि मुझे नहीं पता कौन हुड्डा है, कौन क्या है। मनीषा हत्याकांड का खुलासा बाबा थोड़ी करेंगे। मनीषा हत्याकांड का खुलासा सीबीआई करेगी। सरकार हमने चुनी है, आपने चुनी है। यह काम सरकार का है, बाबा का काम नहीं है। बाबा यह थोड़ी बताता है कि मर्डर किसने किया।
  2. हुड्‌डा को दिक्कत है तो पर्ची लगाए: महंत ने कहा कि किसी हुड्‌डा- सूड्डा, पुड्डा के घर में कोई दिक्कत है तो वह आए और दरबार में दरखास्त लगाए, फरियाद करे। महंत दिनेश पुरी ने कहा कि मैं किसी को पर्ची लगाने के लिए नहीं कहता। समाज में बुराइयां थीं, हैं और रहेंगी। धर्म का कार्य हम जैसों पर छोड़ देना चाहिए। आप लोगों को ज्यादा धर्म में इंटरफेयर नहीं करना चाहिए, यह मेरा अपना मत है।
  3. मैं नौकरी छोड़कर आया हूं: महंत दिनेश पुरी ने कहा कि मैं मेहंदीपुर बालाजी को हाजिर-नाजिर मानकर अपनी नौकरी छोड़ आया था। भाव मेरे थे, इच्छा मेरी थी। बालाजी ने ऐसा कुछ नहीं कहा कि तू नौकरी छोड़ दे। मैं कस्टम विभाग में अधिकारी था। न मेहंदीपुर के महंत ने कहा, न मेहंदीपुर के हनुमान जी ने कहा कि नौकरी छोड़ दें। मेरे ऐसे भाव थे, मैंने समर्पण भाव से वह छोड़ दी।

साध्वी देवा ठाकुर ने धर्मेंद्र के बयान के बाद एक वीडियो जारी कर कहा- हर बाबा या नाथ पाखंड नहीं करते। उनका विरोध करना चाहिए जो नकली बाल लगाकर, जींभ निकालकर देवी के नाम पर पाखंड कर रहे हैं। उन पर बात होनी चाहिए जो एक कमरा बनाकर उस पर धाम लिख देते हैं। आज मंदिरों में आरती करने के लिए मशीनें रखनी पड़ी है, लोग आरती करने के लिए भी नहीं जाते हैं।

साध्वी ने भी हांसी वाले दिनेशपुरी पर निशाना साधते हुए कहा कि इनमें इतनी ही पावर है तो इनको यूट्यूबर बुलाकर एड क्यों करवानी पड़ती है? इनका जड़ से सफाया करना पड़ेगा। इनकी तादात बहुत ज्यादा है।

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