रोहतक में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ा हुआ है। डेंगू के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। जिला में डेंगू मरीजों की संख्या 133 पहुंच चुकी है। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले डेंगू के मरीज जरूर कम हुए हैं, वहीं मलेरिया के केस बढ़े हैं।

नवंबर माह डेंगू के लिए पीक समय है। इसलिए अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थिति यह है कि अभी घरों व ऑफिस आदि में मच्छर का लार्वा भरमार में मिल रहा है। विभाग द्वारा लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस भी थमाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 5364 घरों में लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं।

सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने कहा कि अभी तक जिले में 133 डेंगू के केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नवम्बर माह सीजन का अंतिम माह है। इसमें सभी ध्यान रखें कि अपने आसपास पानी को खड़ा ना रहने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें, बाहर आने जाने पर मोस्कीटो रिप्लेंट लगाकर जाएं। जहां पानी खड़ा हो उसमें काला तेल डाल दें। मोस्कीटो रिपेलेंट कूलर में कोई भी तेल डाल दें।

डेंगू के लक्षण

-सिर दर्द

-मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द

-जी मिचलाना

-उल्टी आना

-आंखों के पीछे दर्द

-ग्रंथियों में सूजन

-त्वचा पर लाल चतके होना

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