हरियाणा चुनाव आयोग ने अचानक राज्य में चुने गए पंच-सरंपचों की डिग्रियों की जांच के आदेश दे दिए हैं। आयोग ने 18 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा है कि इनमें से कई पंचों और सरपंचों की डिग्री फेक या बोगस होने की शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच की जाए। जांच भी किसी IAS या HCS अफसर से कराई जाए। जांच की समय सीमा भी तय हो।

अगर किसी पंच-सरपंच की डिग्री फर्जी निकलती है तो उसे सस्पेंड कर बर्खास्त किया जाए। इसके लिए आयोग ने डिप्टी कमिश्नरों को हरियाणा पंचायत एक्ट 1994 के सेक्शन 51 के सब सेक्शन (3) के क्लाउज b के तहत कार्रवाई को कहा है। आयोग के इस आदेश से नए चुने पंच-सरंपचों और उनके समर्थकों में खलबली मची हुई है।

जिन 18 जिलों के पंच-सरपंच की डिग्रियों की जांच के आदेश दिए गए हैं, उनमें उनमें भिवानी, झज्जर, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पंचकूला, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, चरखी दादरी, गुरुग्राम, करनाल, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत जिले शामिल हैं। चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने सभी DC को निर्देश दिये हैं कि ऐसे मामलों पर की गई कार्रवाई से राज्य चुनाव आयोग को भी अवगत कराएं। जिस किसी व्यक्ति को इस सम्बन्ध में कोई शिकायत हो तो वह सीधे अपने ज़िले के DC को भेजें।

चुनाव आयोग के आदेशों के मुताबिक सामान्य वर्ग अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए दसवीं पास जरूरी है। वहीं महिला और अनुसूचित जाति उम्मीदवार के लिए 8वीं पास और अनुसूचित जाति उम्मीदवार (महिला) के लिए पंच पद के लिए 5वीं पास, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के लिए 8वीं पास होना अनिवार्य किया गया है।

चुनाव आयोग ने अपने इस ऑर्डर को अभी चार जिलों को बाहर रखा है। यहां अभी मतदान नहीं हुआ है। इन जिलों में फतेहाबाद, फरीदाबाद, हिसार और पलवल शामिल हैं। यहां जिला परिषद और पंचायत समितियों का 22 नवंबर और पंच-सरपंच के लिए 25 नवंबर को मतदान होगा।

इन 18 जिलों से चुनाव आयोग आचार संहिता भी हटा चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से इसको लेकर DC को पत्र भेजा गया था। राज्य निर्वाचन आयुक्त धनपत सिंह ने कहा था कि जिन चार जिलों में तीसरे चरण में पंचायत चुनाव होने अभी बाकी हैं, सिर्फ उनमें ही आचार संहिता लगी रहेगी। इनमें फरीदाबाद, पलवल, हिसार और फतेहाबाद शामिल हैं।

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