अगर आप इन दोनों बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटू श्याम जी जा रहे हैं, तो एक बार मंदिर खुलने और बंद होने के शेड्यूल के बारे में जरूर जाने ले. श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा जारी सूचना के अनुसार कुछ 14 घंटे के लिए लगातार बाबा श्याम का मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहने वाला है. इसको लेकर मंदिर कमेटी ने सूचना जारी कर दी है. जारी सूचना के अनुसार विशेष पूजा और तिलक श्रृंगार के चलते बाबा श्याम आम भक्तों को दर्शन नहीं देंगे.
ऐसे में मंदिर कमेटी ने भक्तों को सलाह दी गई है कि मंदिर जाने से पहले इसके बंद और खुलने का समय जरूर जान लें ताकि किसी असुविधा का सामना न करना पड़े.
श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अमावस्या के बाद बाबा श्याम का विशेष सेवा पूजा श्रृंगार होता है. इस दौरान बाबा का तिलक श्रृंगार भी किया जाता है. बाबा श्याम के इस तिलक श्रृंगार में 8 से 12 घंटे का समय लगता है. इसलिए मंदिर 19 घंटे के लिए बंद रहेगा. विशेष तिलक श्रृंगार के चलते इस बार 25 सितंबर कि रात 10 बजे खाटू श्याम जी मंदिर आम भक्तों के लिए बंद हो जाएगा. इसके बाद अगले दिन 26 सितम्बर को बाबा की विशेष सेवा पूजा और तिलक श्रृंगार होगा. इसके बाद 26 सितम्बर को शाम 5 बजे संध्या आरती के समय मंदिर के कपाट आम भक्तों के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय समय से पहले मंदिर न पहुंचे, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो. प्रशासन का कहना है कि बाबा श्याम के तिलक श्रृंगार के दौरान विशेष पूजा-अर्चना होती है. इस पावन अवसर पर शांति और श्रद्धा का वातावरण बनाए रखने के लिए कुछ समय तक दर्शनों पर रोक लगाई जाती है. इसलिए भक्तों से अनुरोध है कि वे नियमों का पालन करें और निर्धारित समय पर ही मंदिर पधारें.
हारे के सहारे बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की तरफ से युद्ध में शामिल होने जा रहे थे. बर्बरीक के पास तीन ऐसी तीर थे, जो पूरे युद्ध को पलट सकते थे. ऐसी मान्यता है इसी को लेकर भगवान कृष्ण ब्राह्मण के रूप में आए और उनसे शीश दान में मांग लिया. बर्बरीक ने भी बिना संकोच किए भगवान कृष्ण को अपना शीश दान में दे दिया. बताया जाता है कि तब भगवान कृष्ण ने प्रसन्न होकर बर्बरीक को कहा- ”बर्बरीक तुम्हें कलियुग में श्याम के नाम से पूजा जाएगा. तुम्हें लोग मेरे नाम से पुकारेंगे और तुम अपने भक्तों के हारे का सहारा बनोगे”.
