फरीदाबाद के सरूरपुर गांव के 28 वर्षीय रमन की अनोखी दंडवत कांवड़ यात्रा चर्चा में है। हाल ही में जॉर्डन की नौकरी छोड़कर भारत लौटे रमन हरिद्वार से 4 लीटर गंगाजल से भरा कलश लेकर दंडवत करते हुए वृंदावन की ओर बढ़ रहे हैं।


रमन ने बताया कि यह यात्रा वह प्रेमानंद महाराज के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए कर रहा है। उसकी इच्छा है कि वृंदावन पहुंचकर वह गंगाजल से प्रेमानंद महाराज का स्नान कराए।
करीब 350 किलोमीटर लंबी यह दंडवत यात्रा 22 जुलाई को हरिद्वार से शुरू हुई थी। कई दिनों की कठिन सफर के बाद रमन अब फरीदाबाद पहुंच चुका है। इस पूरी यात्रा में उसके साथ दो भाई और तीन दोस्त भी हैं। छह लोगों की टीम हर कदम पर उसकी सेवा और सहयोग कर रही है।
रमन ने बताया कि शुरुआत में वह रोज करीब पांच किलोमीटर चलता था, लेकिन अब प्रतिदिन करीब आठ किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। उसके साथ भाई सोनू और कुंदन भी यात्रा कर रहे हैं। तीन अन्य साथी उसके दोस्त हैं। सभी लोग रास्ते में खाना बनाने का सामान अपने साथ लेकर चल रहे हैं।
रमन ने बताया कि वह अब तक कभी प्रेमानंद महाराज से नहीं मिला, क्योंकि जब से वह उनके प्रवचन सुनने लगा, तब से विदेश में ही था। उसे विश्वास है कि वृंदावन पहुंचने पर उसकी मुलाकात महाराज से जरूर होगी। वह उन्हें गंगाजल से स्नान कराना चाहता है। यही उसके जीवन की सबसे बड़ी इच्छा है।
रमन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यात्रा के दौरान पुलिस की ओर से अच्छे इंतजाम मिले। हालांकि कालिंदी कुंज के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करने के बाद फरीदाबाद में भारी ट्रैफिक के कारण आगे बढ़ने में परेशानी हुई। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और उसके साथियों को खुद रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ना पड़ा।
