जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। औसतन साइबर ठग हर रोज 2 लोगाें का अकाउंट खंगाल रहे हैं। अपराधी आम लोगों का पैसा हड़पने के लिए ऑफलाइन से ज्यादा ऑनलाइन सक्रिय हैं। इसे लेकर पुलिस ने एक विशेष पहल की है। डीजीपी के आदेशों के बाद रोहतक के सभी 14 पुलिस थानों में साइबर डेस्क की स्थापना की गई है। साइबर डेस्क की स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी से पीड़ित व्यक्ति को बिना देरी के न्याय दिलाना है।
पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा ने बताया कि डीजीपी के निर्देश पर साइबर क्राइम को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं। उदय सिंह मीणा ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। अगर आपके मोबाइल पर कोई अनजान कॉल या संदेश आता है या फिर किसी प्रकार का कोई लिंक आपके पास भेजा जाता है तो आप उसको ओपन न करें। आपको अन्य प्रकार के प्रलोभन भी दिए जाते हैं। आप उनकी बातों में आकर किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड की डिटेल, ओटीपी व पिन को साझा न करें।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल को पासवर्ड से सुरक्षित रखें। समय-समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें। किसी भी वेरिफिकेशन कोड को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। अपना बैंक अकाउंट नंबर, पासवर्ड किसी को न बताएं। यदि इसके बाद भी आप किसी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना में साइबर हेल्प डेस्क पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। आप अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडलब्ल्यू.साइबरक्राइम.जीओवी.एन पर व साइबर दोस्त हेल्प लाइन 155260 पर भी दर्ज करवा सकते हैं।
