प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोजपुर दौरे में सुरक्षा चूक पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है। दरअसल, HC में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को पंजाब लाने के प्रोडक्शन वारंट पर सुनवाई थी। सरकारी वकील ने कहा कि राम रहीम को हवाई मार्ग से पंजाब लाएंगे। इस पर HC ने टिप्पणी की कि पीएम के दौरे में जो हुआ, उसे पंजाब सरकार संभाल नहीं पाई। ऐसे में अगर डेरा प्रमुख राम रहीम को लाया गया तो फिर हालात कैसे संभलेंगे।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम कोई वीआईपी है, जिसे हवाई मार्ग से लाएंगे। क्या वह प्रधानमंत्री से भी ऊपर है? जस्टिस अरविंद सांगवान के समक्ष सरकार के वकील ने कहा कि डेरा प्रमुख का प्रोडक्शन वारंट पर रोक रद्द की जाए। राम रहीम को हेलिकॉप्टर से पंजाब लाया जाएगा। सुरक्षा में 35 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। हालांकि HC इससे सहमत नहीं हुई और प्रोडक्शन वारंट पर लगी रोक नहीं हटाई। मामले की अगली सुनवाई अब 21 अप्रैल को होगी।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ फरीदकोट में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का केस दर्ज है। रोहतक जेल में बंद डेरा प्रमुख राम रहीम को पंजाब लाना चाहती है। इसके लिए फरीदकोट कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। इसके खिलाफ राम रहीम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट पर रोक लगा दी।
इसी याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई थी। इस मामले में पंजाब पुलिस रोहतक जेल में डेरा प्रमुख से पूछताछ कर चुकी है। पंजाब सरकार पर चुनाव से पहले इस मामले को हल करने का दबाव है। इसीलिए राम रहीम को पंजाब लाकर चुनावी माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी।
पंजाब की कांग्रेस सरकार की डेरा प्रमुख को लाने के पीछे की मंशा बेअदबी केस के साथ चुनावी माहौल बनाने की भी है। बेअदबी केस में अभी तक सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। सिर्फ जांच की ही खानापूर्ति चल रही है। अगर डेरा मुखी को पंजाब ले आते तो सरकार इसे मुद्दा बनाकर भुना सकती है ताकि सिखों की भावनाओं को भुनाया जा सके। ऐसा ड्रग्स केस के मामले में भी कांग्रेस सरकार और पार्टी कर रही है कि हमने अकाली नेता बिक्रम मजीठिया पर केस दर्ज कर बहुत बड़ा कदम उठाया है।
