इंस्टाग्राम पर कांग्रेस के 1.33 करोड़, भाजपा के 87 लाख, AAP के 87 लाख और CPI(M) के 2.35 लाख फॉलोअर्स हैं।

CJI सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान के विरोध में बनी इस पार्टी के X पर भी 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके थे। हालांकि, X अकाउंट गुरुवार करीब 12 बजे ब्लॉक हो गया।

CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि जैसी आशंका थी, वैसा ही हुआ। CJP का X अकाउंट भारत में बैन कर दिया गया है। X के मुताबिक उसने भारत में स्थानीय नियमों, कोर्ट के आदेश या कानूनी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है।

15 मई को CJI सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। इसके एक दिन बाद CJP पार्टी बनाई गई थी।

  • अगर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी सरकार में आती है तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा।
  • अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि किसी के वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं।
  • महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण होगा, न कि 33%. इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी। कैबिनेट में भी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा।
  • अंबानी और अडाणी के सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके। गोदी मीडिया एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराई जाएगी।
  • अगर कोई विधायक या सांसद दलबदल कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी। उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं दिया जाएगा।

अभिजीत अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वो 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं।

उन्होंने BBC को बताया, ‘मैं X पर CJI का बयान देख रहा था, जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर मैंने इस पर अपनी राय दी। मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। मुझे Gen Z और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले। उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए। फिर क्या था मैंने CJP बना ली।

भारत में बढ़ती बेरोजगारी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ युवाओं के गुस्से का प्रतीक बनती जा रही है। पेपर लीक, भर्ती में देरी और सीमित सरकारी नौकरियों के कारण छात्र और नौकरी की तैयारी कर रहे युवा पहले से ही नाराज हैं।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॉकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा, ‘मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं।

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