कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सीबीएसई विवाद के बाद बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के ट्रांसफर को सिर्फ एक दिखावा (आईवॉश) बताया है और इसे वास्तविक जवाबदेही से बचने का प्रयास करार दिया है। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई पार्टी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ताओं ने साफ किया कि प्रशासनिक तबादलों से शिक्षा व्यवस्था की गहरी कमियां दूर नहीं होंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस मे मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
पार्टी मुख्य रूप से ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) विवाद और अन्य परीक्षा गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि अधिकारियों को हटाकर दूसरी जगह महत्वपूर्ण पद (जैसे कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव) देना कोई कार्रवाई नहीं है। सस्पेंशन एक सजा होती है, ट्रांसफर नहीं। पार्टी का आरोप है कि सरकार इस कदम को बड़ी कार्रवाई के रूप में पेश करके असली राजनीतिक जवाबदेही पर लीपापोती कर रही है।
नए आंदोलन से युवाओं को जोड़ने की कोशिश
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार को दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान पार्टी के प्रवक्ताओं ने अपनी मांगों का खुलासा किया और Education Minister धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार का सुधार तभी संभव है जब इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सरकार और विपक्ष से बातचीत का प्रस्ताव
CJP प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरकार के साथ-साथ विपक्ष से भी बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर केवल एक दिखावे के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा प्रणाली में असली बदलाव की आवश्यकता है।
युवाओं से एकजुटता की अपील
पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली वापस लौटेंगे जिसके बाद पार्टी जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेगी। पार्टी ने देशभर के प्रभावित छात्रों और युवाओं से किसी भी दलीय बैनर के बिना इस आंदोलन में एकजुट होने का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली और राजनीतिक तंत्र में सुधार लाना है। CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि युवा इस मामले में अपनी आवाज उठाना चाहते हैं और यह प्रदर्शन उसी की शुरुआत है।
समर्थन में जलवायु कार्यकर्ता भी शामिल
पार्टी ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में युवाओं की बढ़ती नाराजगी का प्रतीक है। लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है और वह इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल उनकी मांगों के लिए नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए है।
CBSC विवाद के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से पुराने अधिकारियों को हटा दिया है। लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई (CBSE) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वरुण भारद्वाज को बोर्ड का नया सचिव (सेक्रेटरी) बनाया गया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि वह छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों से सीधे संवाद करने के लिए भी तैयार है।
शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही जरूरी
CJP प्रवक्ताओं का कहना है कि सिर्फ तबादलों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। पार्टी ने अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेशों में शिक्षा के स्तर का गिरता ग्राफ भी साझा किया।

