रोहतक में सीएम फ्लाइंग, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की टीम ने सूचना के आधार पर नेकीराम कॉलेज के सामने संसार बुक डिपो पर छापा मारा। टीम ने दुकान से एनसीईआरटी की पायरेसी किताबों को जब्त किया और दुकानदार के खिलाफ सिविल लाइन थाने में केस दर्ज करवाया। एनसीईआरटी दिल्ली के सहायक उत्पादन अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें पायरेसी किताबों के बारे में सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में सीएम फ्लाइंग की टीम से सूचना मिली कि एक दुकान पर एनसीईआरटी की पायरेसी किताब बिक रही है। इसी सूचना के आधार पर छापा मारा तो दुकान पर छठी से लेकर 12वीं तक की पायरेसी किताब मिली। जिनके ऊपर एनसीईआरटी का मार्का नहीं था।

ओमप्रकाश के मुताबिक एनसीईआरटी की किताबों की पायरेसी बुक बेचना कानूनी अपराध है। एनसीईआरटी के अलावा कोई भी उनके मार्का वाली बुक नहीं बना सकता। इसका किसी को कोई कॉपीराइट नहीं है। कुछ लोग फायदे के लिए पायरेसी बुक बेच रहे हैं, जिससे एनसीईआरटी को भी नुकसान हो रहा है।

पायरेसी बुक में एनसीईआरटी की तरह ही सारी चीजें एक जैसी ही बनाई गई है। या कहें कि एनसीईआरटी की बुक को कॉपी किया गया है, जिसकी कीमत भी एक जैसी और पाठ्यक्रम भी एक जैसा है। सिर्फ एनसीईआरटी का मार्का बुक के ऊपर नहीं है। एनसीईआरटी को नुकसान पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पायरेसी बुक मार्केट में है। शिक्षा विभाग के क्लर्क नवीन कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान संसार बुक डिपो से प्लास्टिक के कट्टों में पायरेसी बुक मिली। 6 प्लास्टिक के कट्टों में कुल 767 बुक थी, जिन्हें कब्जे में लिया गया है। सैंपल के तौर पर एनसीईआरटी टीम ने 6 बुक निकाली है।

ओमप्रकाश के मुताबिक संसार बुक डिपो पर सेल्समैन अमित मिला। अमित के मुताबिक दुकान का मालिक कृष्ण राणा गांव पाकस्मा का रहने वाला है। वह पायरेसी किताब कहां से लाकर बेचता है, इसके बारे में उसे जानकारी नहीं है। उसे तो यह भी नहीं पता था कि यह किताब पायरेसी है।

ओमप्रकाश के मुताबिक संसार बुक डिपो के मालिक कृष्ण के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत देते हुए केस दर्ज करवाया है। कोई भी दुकानदार एनसीईआरटी की पायरेसी किताबों को बेचते हुए मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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