रोहतक पीजीआईएमएस के फॉर्मेसी कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. आरके गोयल का शव शुक्रवार को नहर में मिल गया। वह गुरुवार से घर से लापता थे। पीजीआईएमएस में ऐसा पहली बार हुआ है किसी सीनियर डॉक्टर ने इस तरह का आत्महत्या करने का कदम उठाया है। अब सुसाइड नोट उत्पीड़न का गवाह बनेगा। शनिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। गुरुवार की सुबह करीब 4 बजे 56 वर्षीय आरके गोयल पीजीआईएमएस कैंपस से स्कूटी पर निकलने के बाद लापता थे। उनकी स्कूटी दिल्ली बाईपास के पास भालौठ बस ब्रांच नहर के पास खड़ी मिली थी। परिजनों ने उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम बुलाकर नहर में सर्च अभियान चलाया गया।
इसके बाद उनका पता नहीं चला। शुक्रवार दूसरे दिन चलाए गए सर्च अभियान में 32 घंटे के बाद टीम को कामयाबी मिली। स्कूटी खड़ी होने की जगह से करीब एक किलोमीटर आगे डॉ. आरके गोयल की लाश मिली। जांच में उनका शरीर नीला पड़ा था। अनुमान है कि जहर का सेवन करने के बाद वे नहर में कूदे हैं। वर्ष 1960 के आसपास मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद से अब तक किसी एचओडी या प्राचार्य ने आत्मघाती कदम नहीं उठाया, लेकिन फॉर्मेसी के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. आरके गोयल लंबे समय से तमाम आरोपों और कागजी कार्रवाई में उलझे रहे। इसमें छात्राओं की तरफ से उन पर अश्लीलता फैलाने के आरोप लगाए गए।
सुसाइड नोट में किया था जिक्र- मुझे फंसाया गया, लंबे समय पदोन्नति रोकी गई
