रोहतक। शहर के बरसी नगर में घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई है। रविवार देर शाम इस लाइन की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चा हिमांशु करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गया। परिजनों के अनुसार, बच्चा छत पर खेल रहा था। इसी दौरान करीब एक मीटर (3 फीट) की दूरी से ही वह हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे PGI के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
इस घटना ने इलाके में बिजली निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों की छतों और बालकनियों के बेहद करीब से गुजर रही इस लाइन को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छत पर खेल रहा था हिमांशु, अचानक झुलस गया
परिजनों के मुताबिक, बरसी नगर निवासी 10 वर्षीय हिमांशु रविवार देर शाम घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान वह घर के ऊपर से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से बच्चा बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई।
परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए PGI के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के पैर, कमर और हाथ सहित शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए हैं। उसका इलाज जारी है।
करीब 10 हजार की आबादी पर मंडरा रहा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसी नगर और आसपास के इलाके में करीब 10 हजार की आबादी रहती है। घरों की छतों के ठीक ऊपर से 33 केवी की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। कई मकानों की बालकनियां और छतें इस लाइन के बेहद नजदीक हैं।
लोगों का कहना है कि बच्चों को छत पर भेजने में भी डर लगता है। बारिश और सीलन के मौसम में करंट फैलने की आशंका बनी रहती है। क्षेत्र के निवासियों ने कई बार लाइन हटाने की मांग उठाई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
जनवरी 2025 में जारी हुए थे लाइन हटाने के आदेश
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिजली निगम ने जनवरी 2025 में ही हाईटेंशन लाइन हटाने के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद करीब 22 महीने बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि वे लगातार लाइन हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि जब पहले से हाईटेंशन लाइन मौजूद थी तो आसपास के क्षेत्र में आवासीय प्लॉटों की एनओसी और अन्य निर्माण की अनुमति कैसे दी गई।
पहले भी हो चुके हैं करंट से हादसे
इलाके में हाईटेंशन लाइन से करंट लगने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक:
- जनवरी 2025 में छत पर काम करते समय एक महिला करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गई थी।
- अप्रैल 2026 में छत पर काम कर रहे एक व्यक्ति की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
- मई 2024 में अजय नाम के युवक की हाईटेंशन तार से करंट लगने के कारण जान चली गई थी।
- मार्च 2025 में भी करंट लगने से एक महिला की मौत हुई थी।
इन घटनाओं के बावजूद हाईटेंशन लाइन को हटाने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
लाइन से 2 मीटर की दूरी तक निर्माण अवैध
33 केवी हाईटेंशन लाइन से निर्धारित दूरी बनाए रखना जरूरी है। नियमों के मुताबिक, लाइन से दो मीटर की दूरी तक निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसी नगर में कई जगह इस नियम का पालन नहीं किया गया और मकानों का निर्माण लाइन के बेहद करीब कर दिया गया।
क्षेत्र में लाइन की ऊंचाई और मकानों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक लाइन को शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक ऐसे हादसों का खतरा बना रहेगा।
मुख्यालय स्तर पर चल रहा काम
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, 33 केवी लाइन से निर्धारित दूरी बनाए रखना जरूरी है। लाइन को शिफ्ट करने के लिए मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई चल रही है। इसके लिए कार्य किया जा रहा है और आगामी समय में समाधान की उम्मीद जताई गई है।
फिलहाल बरसी नगर के लोगों की मांग है कि किसी और बड़े हादसे से पहले हाईटेंशन लाइन को आबादी वाले क्षेत्र से हटाया जाए, ताकि बच्चों और स्थानीय परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
