पंजाब में अमृतपाल सिंह के एक्टिवेट होने के बाद से विदेशों में भी खालिस्तान के झंडे बुलंद होने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते कुछ महीनों में हुई घटनाओं के बाद अन्य देशों को खालिस्तान का समर्थन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी, लेकिन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इसे बार-बार नजर-अंदाज कर रहे हैं।

कनाडा के ओंटारियो शहर में 30 अप्रैल को खालसा स्थापना दिवस को समर्पित नगर कीर्तन निकाला गया। जिसमें कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो मुख्य रूप से पहुंचे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ट्रूडो का स्वागत खालिस्तानी झंडों ने किया। इतना ही नहीं, नगर कीर्तन में यह झंडे प्रधानमंत्री ट्रूडो के साथ-साथ भी चले।

खालिस्तानी कर रहे प्रचार
प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस कदम के साथ ही उनकी खालिस्तान के प्रति उनका नजरिया साफ दिख रहा है। वहीं खालिस्तान समर्थक भी इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने खुल कर प्रधानमंत्री ट्रूडो के खालिस्तान के हक में आने की बातें कहनी शुरू कर दी है।

कनाडा में भी भारतीय दूतावास के बाहर हुए थे प्रदर्शन
अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब और भारत सरकार की कार्रवाई के बाद अमेरिका, ब्रिटेन सहित कनाडा में भी भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानी समर्थकों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान दूतावास कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। जिसके बाद भारत सरकार ने कनाडा सरकार को सख्त रवैया अपनाने को कहा था, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री ट्रूडा को खालिस्तान के समर्थन में आना भारत-कनाडा के रिश्तों पर असर डाल सकता है।

ब्लूम रिपोर्ट से पहले ही बन चुकी चिंता
ब्रिटेन में स्वतंत्र सलाहकार कॉलिन ब्लूम की ब्लूम रिव्यू रिपोर्ट ने UK और भारत सरकार को पहले ही चिंता में डाल रखा है। ब्लूम रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि खालिस्तानी समर्थक यूके के बड़े गुरुघरों पर काबिज हो चुके हैं और वहां से एकत्रित पैसों का प्रयोग गलत तरीके से हो रहा है।

कुछ यही हाल कनाडा का भी है। वहां के भी अधिकतर गुरुद्वारों में खालिस्तान के समर्थन में प्रचार हो रहा है। अब कनाडा के प्रधानमंत्री द्वारा भी उन्हें समर्थन देना भारत के लिए चिंता की बात है।

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