हरियाणा में रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (PGIMS) में म़ृतक महिला ने किडनी, लीवर, हार्ट और आंखों दान की है। दान करने से 3 लोगों को नई जिंदगी और 2 लोगों को रोशनी मिली है। हरियाणा में यह पहला अंगदान और संस्थान में पहला किडनी ट्रांसप्लांट है।करीब 43 वर्षीय महिला 30 जनवरी 2023 को ब्रेन हेमरेज होने के चलते PGIMS रोहतक में भर्ती कराई गई थी। न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. ईश्वर सिंह व डॉ. गोपाल की निगरानी में उसका ICU में इलाज चला। डॉ. ईश्वर सिंह को इलाज के दौरान पता चला कि महिला का ब्रेन डेड हो चुका है।महिला के परिवार ने अंगदान करके पूरे प्रदेश में नई मिसाल कायम करते हुए सबके सामने एक उदाहरण पेश किया है कि हम मरने के बाद भी इस दुनिया में अपनों को कैसे जीवित रख सकते हैं। PGIMS की VC डॉ. अनीता सक्सेना ने कहा कि सरकार व स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई सुविधाओं के माध्यम से प्रदेश में नया कीर्तिमान स्थापित हो पाया है।PGIMS के डायरेक्टर डॉ. एसएस लोहचब ने बताया कि शरीर से अंग निकालने के बाद उसकी कुछ घंटे का टाइम पीरियड होता है। उस दौरान अंग दूसरे शरीर में लगाना होता है। अगर समय रहने अंग शरीर में नहीं लगाया तो वह खराब हो जाता है।उनकी टीम ने जिला प्रशासन व पुलिस से संपर्क किया। इस पर प्रशासन ने बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से रोहतक से दिल्ली और रोहतक से चंडीगढ़ के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करवा दिया। रोहतक PGI से दिल्ली तक पहुंचने में कई बार करीब 3 से 4 घंटे लग जाते हैं, लेकिन रोहतक पुलिस की मदद से एम्बुलेंस लीवर को लेकर डेढ़ घंटे से भी कम समय में लेकर दिल्ली पहुंच गई।
