पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई के इस्तीफे से खाली हुई आदमपुर विधानसभा में बीजेपी के भव्य बिश्नोई ने 67,376 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है। भव्य बिश्नोई पहले ही राउंड से ही सबसे आगे चल रहे थे। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश को 15 हजार 714 वोटों से पटखनी दी है। जयप्रकाश 51 हजार 662 वोट हासिल करने में कामयाब रहे। इसी के साथ आप के सतेंद्र सिंह और इनेलो के कुरड़ाराम को भी हार का मुंह देखना पड़ा। बेटे की जीत के बाद कुलदीप बिश्नोई ने जयप्रकाश की हार को हुड्डा पिता-पुत्र की हार बताया। उन्होंने कहा कि आदमपुर की जनता ने भूपेंद्र हुड्डा को नकार दिया है।
3 नवंबर को डाले गए वोटों की गिनती कुल 13 राउंड में हुई। आदमपुर के 1.71 लाख मतदाताओं में से 1 लाख 31 हजार 401 लोगों ने वोट डाले थे। जमानत बचाने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 21,024 वोट प्राप्त करने थे। आम आदमी पार्टी के सतेंद्र सिंह और इनेलो के कुरड़ाराम समेत कुल 20 उम्मीदवार अपनी जमानत बचाने में नाकामयाब रहे।
भव्य बिश्नोई के सामने आम आदमी पार्टी की टिकट पर आदमपुर के मैदान में उतरे सतेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने लोगों को भ्रम जाल में फंसाकर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोगों को विकास करने का झूठा वादा करके उनके साथ धोखा किया है। सतेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने एक ऐसा माहौल बनाया, जिससे लोगों ने बीजेपी को वोट दिया है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में सभी शक्तियों को केंद्रीकरण हुआ है। इसके चलते भाजपा को आदमपुर में जीत मिल पाई है। वहीं 2024 को लेकर सतेंद्र ने कहा कि विधानसभा के साथ ही लोकसभा में भी आम आदमी पार्टी दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी और प्रदेश में सरकार बनाएगी।
