लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में BJP और जननायक जनता पार्टी (JJP) का गठबंधन टूट गया है। इसका बस औपचारिक ऐलान बाकी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सुबह 11.50 बजे चंडीगढ़ में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपनी पूरी कैबिनेट का इस्तीफा सौंप दिया। आज शाम को ही मनोहर लाल तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
JJP लीडर दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार सुबह ही अपनी सरकारी गाड़ियां लौटा दीं। इसके बाद सियासी महौल गर्मा गया
JJP लोकसभा चुनाव में हरियाणा में 1 से 2 सीटें मांग रही थी जबकि BJP का केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन सभी 10 सीटों पर खुद लड़ने के पक्ष में है। यही गठबंधन टूटने की वजह बनी।
JJP के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला सोमवार को दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले थे लेकिन सीट शेयरिंग पर बात नहीं बनी। दुष्यंत ने दिल्ली में अमित शाह से दोबारा मिलने का समय मांगा है। हालांकि ये मुलाकात होगी या नहीं, ये पक्का नहीं है।
हरियाणा में जजपा से गठबंधन टूटा लेकिन बहुमत भाजपा के ही पास है। हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं। जिसमें से भाजपा के पास खुद के 41 MLA हैं। 6 निर्दलीय और एक हलोपा विधायक का भी उसे समर्थन हासिल है यानी भाजपा के पास 48 विधायक हैं। बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए।
जानकारों के मुताबिक, JJP से गठबंधन टूटने पर मुख्यमंत्री और मौजूदा कैबिनेट का टेक्निकल कारणों से इस्तीफा देना जरूरी था। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP और JJP ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाने के लिए गवर्नर को समर्थन पत्र सौंपा था। अब JJP के अलग होने पर टेक्निकली पूरे कैबिनेट का इस्तीफा जरूरी था।
सूत्रों के मुताबिक CM मनोहर लाल राज्यपाल को इस्तीफा दे सकते हैं। इसके लिए दिल्ली से ऑब्जर्वर्स अर्जुन मुंडा और तरूण चुघ के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद राजभवन में नए सिरे से शपथग्रहण समारोह होगा। इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चौटाला अपने दिल्ली आवास पर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में अजय सिंह चौटाला का बयान कुछ देर में दिल्ली आवास पर जेजेपी नेताओं के साथ बैठक के बाद दिया जाएगा।
