गोहाना स्थित सिंचाई विश्राम गृह में देर रात धरनारत किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई विस्तृत वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। बैठक में किसानों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए नहर के निर्माण कार्य में आवश्यक संशोधन करने पर सहमति बनी। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि नहर की दोनों साइड की लाइनिंग को कंक्रीट से पक्का किया जाएगा तथा नहर के तल (बैड) को दोनों किनारों से 10-10 फुट तक पक्का किया जाएगा। साथ ही नहर के मध्य भाग में सीसी ब्लॉक लगाए जाएंगे, जिससे भूजल का प्राकृतिक रिचार्ज निरंतर जारी रह सके। जहां-जहां सीसी ब्लॉक क्षतिग्रस्त या खंडित हैं, केवल उन्हीं को बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों और क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह समाधान निकाला गया है। उन्होंने इस मामले के समाधान में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और संवेदनशील नेतृत्व के कारण किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सर्वसम्मत समाधान संभव हो पाया है।
कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि नहर निर्माण कार्य में पारदर्शिता और समन्वय बनाए रखने के लिए किसानों की एक समिति गठित की जाएगी, जो सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालमेल स्थापित करते हुए सहमति के बिंदुओं के अनुरूप कार्यों की निगरानी करेगी। बैठक के बाद किसान प्रतिनिधियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर समझौते की शर्तों की जानकारी किसानों को दी।
