रोहतक में आशा वर्करों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर आशा वर्करों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही 20 मई की हड़ताल में पूर्ण रूप से शामिल होंगी। इसके साथ ही सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र को हेल्थ मिशन निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
आशा वर्कर यूनियन की जिला उप प्रधान पुष्पा ने कहा कि 2023 की हड़ताल के अंदर सरकार की सहमति के अनुसार आशा वर्कर्स के कटे हुए पैसे अभी तक नहीं मिले हैं। उनको जल्दी से जल्दी दिलाया जाए और आशा वर्कर्स के रजिस्टर समय पर विभाग द्वारा छपवाकर दिए जाएं।
पुष्पा ने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बनी सहमति में कहा था कि आशा वर्कर्स के अप्रेजल के अंदर एएनएम के साइन करवाने की कोई जरूरत नहीं रहेगी। इस मामले में ऑनलाइन परफॉर्म के अंदर सुधार किया जाए। भिवानी की आशा वर्करों के साथ मारपीट मामले में विभाग द्वारा जांच करवाई जानी चाहिए और आशा वर्कर्स को न्याय मिलना चाहिए।
यूनियन जिला सह सचिव रेमन ने कहा कि पूरे हरियाणा में विभाग द्वारा अलग-अलग जिलों में आशा वर्करों को अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। आशा वर्कर्स को डराया- धमकाया जा रहा है। उनके ऊपर दबाव बनाकर अनेक प्रकार के विभागीय काम करवाए जा रहे हैं और हटाने की धमकी तक दी जाती है। पूरे हरियाणा के अंदर कई जगहों पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा आशा वर्करों के साथ मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के मामले सामने आए है।
अनिता ने कहा कि आशा वर्कर के पास समय पर ना तो आयरन सिरप मिलता, ना आयरन की टैबलेट, कैल्शियम की टैबलेट मिलती। गर्भवती को समय पर उपचार के लिए आशा वर्कर लेकर जाती है तो गर्भवती के चेकअप के लिए आशा वर्कर को ही घुमाया जाता है। अल्ट्रासाउंड के लिए सरकारी अस्पतालों में एक पीएचसी से दूसरी पीएचसी के डॉक्टर की पर्ची तक नहीं चलती।

अनिता ने कहा कि पूरे हरियाणा के अंदर आशा वर्कर्स का नवंबर दिसंबर से लेकर एनएचएम का बजट रुका हुआ है और फरवरी से राज्य का बजट भी आशा वर्कर्स को नहीं मिला है। हर महीने सभी आशा वर्कर्स को एचबीपीएनसी और एचबीवाईसी कार्ड और अप्रेजल फॉर्म फोटोस्टेट करवाने पड़ते हैं। अगर समय रहते आशा वर्कर्स की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 20 मई को पूरे हरियाणा में आशा वर्कर्स राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगी।
