रोहतक में अग्निपथ योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के चलते प्रशासन अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है। स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखेगा। खासकर शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों पर।
वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। जो किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन को निपटने के लिए कदम उठाएंगे। जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार द्वारा अपराध प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा-23 (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए गए हैं।उन्हाेंने प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पुलिस अधीक्षक द्वारा डयूटी मजिस्ट्रेट तथा महिला पुलिस सहित पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। अग्निशमन अधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक की आवश्यकतानुसार सुविधाएं और स्टाफ व उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
पीजीआईएमएस निदेशक द्वारा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पंडित लख्मीचंद राज्य दृश्य एवं कला विश्वविद्यालय के कुल सचिवों तथा आईआईएम के निदेशक से भी विद्यार्थियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
