यूपी के कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद एक और इंजीनियर की मौत हो गई है। यह मामला भी उसी इंपायर क्लिनिक से जुड़ा है जहां पहले इंजीनियर विनीत दुबे की मौत हुई थी। इस बार मृतक का नाम मयंक कटियार है जो पेशे से इंजीनियर थे और उन्होंने भी डॉ. अनुष्का तिवारी से हेयर ट्रांसप्लांट करवाया था। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद मयंक की दर्द से तड़प कर मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने छह महीने बाद 13 मई को पुलिस से शिकायत की है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

18 नवंबर 2024 को मयंक ने केशवपुरम स्थित इंपायर क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराया। क्लिनिक में सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक ट्रांसप्लांट चला। इसके बाद छोटा भाई कुशाग्र, मयंक को घर फर्रुखाबाद ले गया। रात 12 बजे मयंक को सिर में तेज दर्द शुरू हुआ। परिवार ने तुरंत डॉक्टर से बात की तो उन्होंने इंजेक्शन लेने और सिर की पट्टी ढीली करने को कहा। लेकिन इसके बाद भी दर्द और सूजन बढ़ती गई। चेहरा इतना सूज गया कि मयंक की आंखों से दिखना बंद हो गया।

पूरी रात मयंक दर्द से तड़पता रहा। सुबह दोबारा डॉक्टर से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कहा “सब ठीक हो जाएगा”। लेकिन हालत बिगड़ती गई। अब उसके सीने में भी दर्द शुरू हो गया। फिर उसे फर्रुखाबाद के हार्ट डॉक्टर के पास ले जाया गया लेकिन डॉक्टर ने बताया कि दिल की कोई समस्या नहीं है। डॉक्टर ने सलाह दी कि उसे जहां ट्रांसप्लांट कराया था, वहीं ले जाओ। परिजन मयंक को वापस कानपुर ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उसने अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया।

मूल रूप से फर्रुखाबाद के बलदेव भवन, भोलेपुर के रहने वाले मयंक (32) ने कानपुर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से B.Tech किया था। पढ़ाई के बाद वह नौकरी कर रहा था और अब कानपुर में खुद का बिजनेस सेटअप करने की तैयारी में था। पिता की मौत के बाद पूरे घर की जिम्मेदारी मयंक के कंधों पर थी।

मयंक की मां का कहना है कि वह पिछले छह महीने से हर जगह चक्कर काट रही हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। मयंक का पोस्टमार्टम नहीं हुआ, इसी वजह से पुलिस अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। भाई कुशाग्र के पास डॉक्टर के खिलाफ कई सबूत हैं डॉक्टर का पर्चा, 40 हजार रुपये की ऑनलाइन फीस की रसीद, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, मयंक के सूजे चेहरे की तस्वीरें इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो रही।

इस केस में न्याय की उम्मीद तब जगी जब इंजीनियर विनीत दुबे की पत्नी जया ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जया का कहना है कि अगर डॉ. अनुष्का तिवारी को जेल नहीं भेजा गया तो वह इसी तरह लोगों की जान लेती रहेंगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने कुछ अनट्रेंड कारीगरों को हायर किया है, जो खुद हेयर ट्रांसप्लांट करते हैं। डॉ. अनुष्का खुद ट्रांसप्लांट नहीं करतीं सिर्फ क्लिनिक का संचालन करती हैं।

इंजीनियर विनीत दुबे, जो कि पनकी पावर प्लांट में सहायक अभियंता थे उन्होंने भी 13 मार्च 2025 को इसी इंपायर क्लिनिक से हेयर ट्रांसप्लांट करवाया था। लेकिन ट्रांसप्लांट के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 14 मार्च को उनकी मौत हो गई।

उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। पत्नी ने रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए कई बार थाना, चौकी, एसीपी, डीसीपी ऑफिस के चक्कर लगाए। 54 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई।

रावतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने डॉक्टर अनुष्का तिवारी की तलाश शुरू की। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर पुष्पराज को सौंपी। पुलिस ने डॉक्टर की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, लेकिन डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो चुकी हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

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