रोहतक में आंगनबाड़ी वर्करों ने सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निर्णय लिया कि 4 जुलाई से चंडीगढ़ में मोर्चा लगाएंगी, साथ ही प्रदर्शन करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओ को ज्ञापन सौंपा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन संबंधित एआईयूटीयूसी ने मानसरोवर पार्क में इकट्ठा हुई और पीओ आफिस तक जुलूस निकालकर अपना मांग पत्र सौंपा।
जुलूस की अगुवाई एआईयूटीयूसी के प्रदेश सचिव हरिप्रकाश, आंगनबाड़ी प्रदेश महासचिव पुष्पा दलाल, जिला प्रधान रोशनी चौधरी ने की। पुष्पा दलाल ने कहा कि 4 अप्रैल को हड़ताल वापस लेने के समय विभाग व सरकार ने जिन मुद्दों को लेकर आश्वस्त किया गया था उसके आधार पर तालमेल कमेटी ने संयुक्त रूप से 5 अप्रैल को हड़ताल वापस ले ली थी।
सरकार व विभाग द्वारा स्वीकार किया गया था कि सभी बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिकाओं को जल्द बहाल करके ड्यूटी ज्वाइन करवाई जाएगी। पुलिस केस वापस लिए जाएंगे, हड़ताल का मानदेय 100 रूपये माह कटौती के साथ जारी होगा। करीब ढाई महीना गुजर जाने के बाद भी उन्हें लागू नहीं किया गया है। जिसको लेकर राज्य भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं रोष है।
हरी प्रकाश ने कहा कि यूनियन ने सरकार को कई बार लिखकर इसे लागू करने के लिए कहा है। विभाग अधिकारियों से मिले हैं। अभी भी शीर्ष अधिकारियों से वार्ता के लिए पत्र भेजे गए है। लेकिन विभाग व सरकार द्वारा इन मामलों के निपटारे में देरी की जा रही है।
जिला प्रधान रोशनी चौधरी ने कहा कि राज्य में 975 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को बर्खास्त किया है, जिनमें से अधिकतर गरीब परिवारों से हैं और विधवा हैं। 4 महीने का मानदेय जारी नहीं किया गया है। जिससे हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रही हैं। मांग पूरी नहीं होने के चलते सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ 4 जुलाई से चंडीगढ़ में मोर्चा लगाया जाएगा। प्रदर्शन में पुष्पा दलाल, रोशनी चौधरी, रोजी, कौशल्या चहल, संतोष सरोहा, दर्शना, मुनेश आदि शामिल रही।
