पानीपत में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। धुंध की वजह से एक सड़क न दिखाई देने के कारण अनियंत्रित होकर एक ऑल्टाे कार समालखा स्थित नामुंडा नहर में गिर गई। कार में पति-पत्नी सवार थे। पति तो बाहर निकल आया, मगर कार समेत पत्नी नहर में बह गई। उसने घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों की टीम बुलाई गई। टीम महिला व कार को नहर में तलाश रही, मगर ढाई घंटे तक दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। सुबह करीब पौने 7 बजे गोताखोरों को कार नहर में मिल गई, लेकिन गोताखोरों की टीम नहर में अभी तक महिला को तलाश रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, समालखा के परढ़ाना निवासी जितेंद्र अपनी पत्नी सोनिया के साथ ऑल्टो कार में सवार होकर किसी काम से दिल्ली जा रहा था। वे घर से करीब साढ़े 4 बजे निकले। अलसुबह घना कोहरा था। मगर उन्हें दिल्ली बहुत जरूरी व एमरजेंसी में जाना पड़ रहा था, इसलिए वे इस घने कोहरे में भी जाने को मजबूर थे।
घर के निकलने के 15 मिनट बाद यानि 4:45 बजे जब कार समालखा की नामुंडा नहर के करीब पहुंची तो क्षेत्रफल खुला होने और नहर होने की वजह से धुंध बहुत ज्यादा थी। इसलिए न सड़क दिखाई दी और न ही नहर दिखाई दी। जितेंद्र अपनी राह की ओर आगे बढ़ने लगा। लेकिन धुंध की वजह दृश्यता बिल्कुल जीरो हो गई थी, जिससे वह नियंत्रण खो बैठा और कार नामुंडा नहर में जा गिरी।
जैसे ही कार नहर में गिरी, वैसे ही दंपति ने किसी तरह कार खोलकर अपने-अपने स्तर पर बाहर निकलने के प्रयत्न किए। जितेंद्र करीब 8 मिनट बाद किसी तरह नहर से बाहर निकल आया। मगर उसकी पत्नी सोनिया बाहर नहीं निकल पाई। जितेंद्र की गांव परढ़ाना में ही रोयल इंडिया पेड प्रिटिंग का काम है।
