पानीपत जिले के समालखा खंड के गांव मनाना में विकास कार्यों के नाम पर करीब 3 करोड़ रुपये के कथित गबन और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता ब्यूरो को दी गई शिकायत में ग्राम पंचायत की सरपंच रेखा देवी, ग्राम सचिव शहजाद अली, एसडीओ कमल और जेई अमन कुमार पर पिछले पांच महीनों में भारी वित्तीय धांधली के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम शुक्रवार को बीडीपीओ कार्यालय पहुंची और पंचायत से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
शिकायतकर्ता संदीप राठी और धर्मपाल ने ACB को दस्तावेज सौंपते हुए आरोप लगाया कि पंचायत की कार्रवाई बुक में जगह-जगह कटिंग और ओवरराइटिंग की गई है, जबकि नियमानुसार इसमें किसी प्रकार की कटिंग नहीं होनी चाहिए। जांच के दौरान अधिकारियों ने ग्राम सचिव को रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ को लेकर फटकार लगाई। सूत्रों के अनुसार सचिव ने स्वीकार किया कि कुछ भुगतान “दबाव” में किए गए। ACB ने पंचायत का पूरा रिकॉर्ड पंचकूला तलब कर लिया है।
बिना बिल और तकनीकी मंजूरी के भुगतान के आरोप
शिकायत में कई वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि वाउचर नंबर P-14 के तहत 2,85,775 रुपये का भुगतान बिना तकनीकी हस्ताक्षर के किया गया। वहीं P-15 और P-16 के जरिए 5,93,488 रुपये बिना बिल के जारी कर दिए गए। वाउचर P-32 में बिल राशि 4,40,751 रुपये होने के बावजूद 5,47,095 रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है, जिसे सीधे गबन की श्रेणी में बताया गया है।
कमीशन और फर्जीवाड़े के आरोप
शिकायत में सरपंच पति पर ठेकेदारों से भुगतान के बदले कमीशन मांगने का भी आरोप है। एक ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए घटिया निर्माण सामग्री को पास कराने के बदले “मोटा कमीशन” लेने की बात कही गई है। इसके अलावा निशानदेही कार्य और ममेहसर जोहड़ में ट्यूबवेल से जुड़े कार्यों में भी कथित अनियमितताओं का जिक्र है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच स्टेट विजिलेंस, ACB और सीआईए से कराने की मांग की है। ACB का कहना है कि सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
