कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी के इस बयान से विवाद उत्पन्न हो गया है कि ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वाले सभी लोग ‘मुनि’ नहीं हैं और ऐसे लोगों से होशियार रहने की जरूरत है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की है।

अल्वी ने बृहस्पतिवार रात यहां कल्कि महोत्सव में रामायण का हवाला देते हुए कहा कि आज कई लोग हैं जो ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हैं लेकिन वे सभी मुनि नहीं हैं और इनसे होशियार रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि जब लक्ष्मण जी की हालत खराब (मूर्च्छा) होती है और कहा जाता है कि संजीवनी बूटी सूरज निकलने से पहले आनी चाहिए वरना जिंदगी बचनी मुश्किल है, तो हनुमान जी की जिम्मेदारी लगाई जाती है कि जाइए संजीवनी बूटी लेकर आइए…। उधर, रावण एक राक्षस को संत बनाकर भेज देता है, एक मगरमच्छ हनुमान जी के पांव पकड़ लेता है। उसे किसी ने श्राप दिया था जो एक अप्सरा थी। वह हनुमान जी से कहती है कि हनुमान क्यों वक्त खराब कर रहे हो तुम्हें तो सूरज निकलने से पहले संजीवनी बूटी लेकर जानी है। यह जो सामने बैठा है और ‘जय श्री राम’ कह रहा है, वह मुनि नहीं, घोर राक्षस है।’’

अल्वी के बयान की भाजपा नेता अमित मालवीय ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने अल्वी की वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए ट्वीट किया है कि सलमान खुर्शीद के बाद अब कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ‘जय श्री राम’ कहने वालों को (निशाचर) राक्षस कह रहे हैं। रामभक्तों के प्रति कांग्रेस के विचारों में कितना जहर घुला हुआ है।

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