रोहतक में वकीलों ने IPS वाई पूरन कुमार मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए डीसी सचिन गुप्ता के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी निर्दोष को बलि का बकरा ना बनाएं, बल्कि गंभीरता से जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे एडवोकेट अशोक कादयान ने कहा कि आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड का जो मामला है, उसको लेकर समाज में लोगों के बीच कई प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में वकीलों ने भी विचार किया और सोचा कि समाज में जो धारणाएं चल रही हैं, उसको किस प्रकार से रोका जाए।

अशोक कादयान ने बताया कि वाई पूरन कुमार के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इससे पहले पूरे मामले में जांच होनी चाहिए। बिना जांच किए किसी एक पर कार्रवाई करना गलत है। पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन हर व्यक्ति को अपनी सुनवाई का मौका भी देना चाहिए।

किसी को बलि का बकरा नहीं बनाना चाहिए। हम एसपी का बचाव या समर्थन करने नहीं आए, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग रखने आए हैं।

एडवोकेट मंजीत यादव ने कहा कि जिस प्रकार वाई पूरन कुमार ने सुसाइड किया है, इसका कारण क्या रहा, इस मामले की जांच होनी चाहिए। सरकार ने जो आनन फानन में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है, वो गलत है। सुसाइड नोट की पूर्ण जांच करके, जिसके खिलाफ जो कार्रवाई बनती है, वो करें। न्याय की उम्मीद आनन फानन में नहीं की जा सकती।

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