हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम की बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की एंट्री का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। अडानी समूह की बिजली वितरण कंपनी समेत निजी कंपनियों ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली सप्लाई के लिए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) में वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। यह आवेदन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2003 की धारा-14 के तहत दाखिल किया गया है।

बुधवार को हुई पब्लिक हियरिंग के दौरान आयोग के सामने आए फीडबैक में करीब 70 फीसदी लोगों ने निजी कंपनियों के जरिए बिजली वितरण का समर्थन किया। अब इस मामले में अंतिम फैसला HERC को लेना है।

₹4,716 करोड़ निवेश का प्रस्ताव

इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने गुरुग्राम और नूंह में 4,716.73 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पेश की है। इसमें 1,415.02 करोड़ रुपये इक्विटी और 3,301.71 करोड़ रुपये ऋण के रूप में निवेश का प्रस्ताव है। कंपनी ने 80% नवीकरणीय और 20% तापीय ऊर्जा के मिश्रण, स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिलिंग, पारदर्शी टैरिफ और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने का दावा किया है।

सरकारी निगम बंद नहीं होगा

कंपनी का कहना है कि यह बिजली निगम के निजीकरण का मामला नहीं है। इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत एक ही क्षेत्र में एक से अधिक बिजली वितरण लाइसेंस दिए जा सकते हैं। यदि लाइसेंस मिलता है तो दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) पहले की तरह काम करता रहेगा। नई कंपनी अपना अलग वितरण नेटवर्क तैयार करेगी और सरकारी नेटवर्क का उपयोग नहीं करेगी।

हर वर्ग को बिजली देने का दावा

कंपनी ने शपथपत्र में कहा है कि लाइसेंस मिलने पर कृषि उपभोक्ताओं, घरेलू उपभोक्ताओं, कम आय वाले परिवारों, औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सभी वर्गों को समान रूप से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही विद्युत अधिनियम की धारा-43 के तहत सार्वभौमिक सेवा दायित्व निभाने का भी वादा किया गया है।

समानांतर बिजली वितरण कैसे होगा?

  • एक ही क्षेत्र में एक से अधिक बिजली वितरण कंपनियां काम कर सकेंगी।
  • उपभोक्ताओं को अपनी पसंद की बिजली कंपनी चुनने का विकल्प मिल सकता है।
  • नई कंपनी को अपना अलग वितरण नेटवर्क बनाना होगा।
  • सरकारी बिजली निगम की सेवाएं जारी रहेंगी।

विरोध भी शुरू

पूर्व वित्त मंत्री और इनेलो नेता संपत सिंह ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री कराना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि अडानी समूह की कंपनी ने भी गुरुग्राम में बिजली सप्लाई के लिए आवेदन किया है और उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी।

वहीं, हरियाणा इंजीनियरिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार कुंडू ने भी कहा कि आयोग की सुनवाई में उनकी ओर से निजी कंपनियों की एंट्री का विरोध दर्ज कराया गया है।

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