गांव कारौला में युवक सागर की हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मामले की इंटरनल जांच के बाद फर्रुखनगर थाना पुलिस के दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। थाना प्रभारी महाबीर ने हेड कांस्टेबल अशोक और विनोद के निलंबन की पुष्टि की है।
सागर की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम किया था। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में पहुंचीं पटौदी की विधायक बिमला देवी ने पुलिस प्रशासन पर जमकर नाराजगी जताई।
विधायक ने कहा कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो सागर की जान बच सकती थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी?
SHO से बोलीं विधायक- जवाबदेही आपकी है
पंचायत में विधायक ने फर्रुखनगर थाना प्रभारी को सीधे घेरा। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से 112 पर कॉल की गई थी। पुलिस की गाड़ी मौके पर भी पहुंची थी, लेकिन इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
विधायक ने कहा, “अगर पहले कार्रवाई हो जाती तो हमारा बच्चा नहीं जाता। आज ये मरा है, कल किसी और का नंबर आ सकता है।”
उन्होंने पुलिस से भविष्य में शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने का भरोसा देने को कहा। विधायक ने कहा कि वह गांव और ग्रामीणों के साथ खड़ी हैं।
पंचायत में मौजूद SHO महाबीर ने माना कि कुछ जगह लापरवाही हुई है और इस मामले में कार्रवाई की जा चुकी है।
9 आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो बरामद
सागर हत्याकांड में फर्रुखनगर क्राइम ब्रांच ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रोहतक के आजादगढ़ से पकड़ा। वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओम, साहिल, गौतम, सचेत उर्फ मुन्ना, विनय कुमार, सुनील उर्फ अभिषेक उर्फ खोटा, मंदीप उर्फ डिप्पी, अश्वनी और अनुश उर्फ चिनू के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सचेत उर्फ मुन्ना की शिकायतकर्ता पक्ष से पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी कथित तौर पर पहले से योजना बनाकर एकत्र हुए और वारदात को अंजाम दिया।
बेंगलुरु से लौटा था सागर
6 अगस्त को सागर बेंगलुरु से काम करके पटौदी बस स्टैंड पहुंचा था। उसका भाई मुन्नी लाल उसे लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान कुछ कार सवारों ने उनका पीछा किया।
दोनों जैसे ही घर के अंदर पहुंचे, आरोपी हथियार और लाठियां लेकर वहां पहुंच गए। आरोप है कि इसी दौरान एक आरोपी ने गोली चला दी। गोली सागर को लगी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मारपीट में एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ था।
3 अगस्त को हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त को शिकायतकर्ता और उसके भाई होशियार की सचेत उर्फ मुन्ना से कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई और पुरानी रंजिश और बढ़ गई।
आरोप है कि इसी विवाद के बाद आरोपियों ने सागर के परिवार को निशाना बनाया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ अंतिम संस्कार
परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे थे। शनिवार को पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो जारी किया, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ।
शनिवार देर शाम विशेष अनुमति लेकर डॉक्टरों के बोर्ड ने सागर का पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सचेत के खिलाफ पटौदी में चोरी का सामान रखने या खरीदने का मामला दर्ज है। वहीं सुनील के खिलाफ रोहतक में चोरी का केस दर्ज है।
