हरियाणा से जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आईं, जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई। उसके यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ से इसकी पुष्टि होती है। ज्योति मल्होत्रा 17 अप्रैल 2024 को एक महीने के टूर पर पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी और करीब 25 दिन बाद ही 10 जून को चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ज्योति 30 मार्च को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में पाकिस्तान के नेशनल डे प्रोग्राम में भी गेस्ट बनकर गई थी। जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के बाद अवांछित व्यक्ति घोषित किए पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी दानिश ने उसे रिसीव किया था। दानिश को भारत सरकार ने 13 मई को देश से निकाल दिया था।इससे पहले वह जब करतारपुर कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान गई तो वहां पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।
हरियाणा के हिसार से जासूसी के शक में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलता था। ऐसा PAK एंबेसी के अधिकारी दानिश और पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के ज्योति के कॉन्टैक्ट की वजह से होता था। उसका जहां जाने का मन होता था, वहां चली जाती थी। हिसार पुलिस की पूछताछ में उसने यह बातें कबूल की हैं।
पाकिस्तान में पुलिस सुरक्षा में घूमती थी ज्योति मल्होत्रा:- आमतौर पर किसी भारतीय के पाकिस्तान जाने पर पुलिस के स्तर पर उसकी निगरानी की जाती है। वह उन्हीं जगहों पर जा सकता है, जिसका जिक्र वीजा में होता है। लेकिन, ज्योति पाकिस्तान में हाईप्रोफाइल पार्टियों में भी शामिल होती थी। जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के बड़े अधिकारियों से हुई है। ज्योति को पाकिस्तान में घूमने-फिरने के लिए पाकिस्तानी पुलिस की सिक्योरिटी भी मिलती थी।
ज्योति पिछले साल 23 मार्च को पाकिस्तानी एंबेसी गई थी। जहां उसने नेशनल डे पर रखी इफ्तार पार्टी में हिस्सा लिया। इसका वीडियो भी उसने अपने चैनल पर डाला था। जब वह एंबेसी में पहुंची तो दानिश ने बहुत फ्रेंडली तरीके से उसका वेलकम किया और दोनों आपस में इस तरह से बात करते दिखे कि एक-दूसरे को बहुत करीब से जानते हों। दानिश ने उसे अपनी पत्नी से भी मिलवाया। इसके अलावा वहां मौजूद अधिकारियों से भी उसकी बात कराई। इस इफ्तार में ज्योति कुछ चीनी अधिकारियों से भी मिली। वह पूरे वीडियो में पाकिस्तानी एंबेसी में किए इंतजामों की जमकर तारीफ करती रहीं। उसने दानिश की पत्नी को अपने घर यानी हरियाणा के हिसार में भी आने के लिए इनवाइट किया।
ज्योति अब तक पाकिस्तान, चीन, नेपाल, थाइलैंड, भूटान, इंडोनेशिया समेत कई देशों में जा चुकी थी। वह हमेशा फ्लाइट में फर्स्ट क्लास में ट्रैवल करती थी। जिस देश में वह पहुंचती, वहां के महंगे होटल में रुकती। महंगे रेस्टोरेंट्स में खाना खाती और महंगी ज्वेलरी शॉप्स में विजिट करती।ज्योति ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर दुबई की एमिरेट्स की फर्स्ट क्लास की श्रेणी की यात्रा का फोटो भी शेयर किया हुआ है। इसके अलावा वह चीन में भी यात्रा के दौरान वीवीआईपी की तरह रही। इसके उलट भारत लौटने पर वह साधारण लड़की की तरह रहती थी।
पुलिस को दिए बयान में ज्योति मल्होत्रा ने बताया कि उसने ‘ट्रैवल विद जो’ के नाम से यूट्यूब अकाउंट बना रखा था। वह पाकिस्तान को एक्सप्लोर करना चाहती थी। इसके लिए वीजा लेने वह नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान एंबेसी में गई। ज्योति ने पुलिस को बताया- पाकिस्तानी एंबेसी में उसकी मुलाकात वहां के अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। पहली मुलाकात में दानिश काफी फ्रेंडली लगा। उसने वीजा के अपडेट के लिए दानिश का नंबर ले लिया। वहां से लौटकर वह दानिश से पहले वीजा के बहाने फोन पर बात करने लगी।
2023 में उसे पाकिस्तान का 10 दिन का वीजा मिला। दानिश ने उसे पाकिस्तान में अली आहवान से मिलने को कहा। अली आहवान ने उसके घूमने-फिरने और रुकने का इंतजाम किया। अली ने उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से मिलवाया। अली ने उसकी मुलाकात शाकिर और राणा शहबाज से कराई। ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारी निकले। ज्योति ने शाकिर का मोबाइल नंबर ले लिया। उसके मोबाइल में किसी पाकिस्तानी का नंबर का शक न हो, इसलिए उसे ‘जट रंधावा’ के नाम से फीड कर लिया। इसके बाद वह भारत लौट आई।
भारत लौटने के बाद उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करना शुरू कर दिया। वह वॉट्सऐप, स्नेपचैट, टेलीग्राम समेत दूसरे माध्यमों के जरिए उन्हें खुफिया जानकारियां भेजने लग गई। हालांकि उसने पाकिस्तान को क्या-क्या जानकारियां दीं, इसके बारे में खुलासा नहीं हुआ है।
ज्योति मल्होत्रा की एक्टिविटी को पुलिस और भारत की खुफिया एजेंसियां काफी समय से ट्रैक कर रहीं थी। जब पुख्ता सबूत मिले तो गुरुवार (15 मई), सुबह 10 बजे पुलिस उसके घर आई। घर की तलाशी ली। ज्योति के अलावा पिता और चाचा समेत सबके मोबाइल जब्त किए। ज्योति का लैपटॉप भी कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस ज्योति को थाने ले गई। मगर, गुरुवार रात को 9 बजे पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
पिता हरीश मल्होत्रा ने बताया कि ज्योति ने घर लौटकर कहा कि पापा मुझे फंसाया जा रहा है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। शुक्रवार सुबह फिर उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया। फिर शुक्रवार रात को ही पुलिस उसे वापस घर लेकर आई। उससे जुड़ा सारा सामान जब्त कर पुलिस ज्योति को लेकर थाने लौट गई। तब पता चला कि ज्योति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
