हरियाणा के हिसार जिले के हांसी शहर के पूर्व पार्षद एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के सदस्य सीमांत चौधरी, उनकी पूर्व पार्षद पत्नी मोना चौधरी व 8-10 अन्य के खिलाफ ब्लैकमेलिंग करने, धमकी देने का केस दर्ज हुआ है। सीमांत चौधरी समेत अन्य पर विकास कार्यो की गुणवत्ता में कमी बताकर शिकायत करके गिरोह बना एक करोड़ रुपये मांगने का आरोप है। हिसार से पूर्व पार्षद कमला बंसल के ठेकेदार बेटे मुकेश बंसल ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी 34, 385, 501, 506 के तहत केस दर्ज करवाया है। गृहमंत्री अनिल विज को 18 अगस्त को शिकायत भेजने के बाद डीएसपी द्वारा की गई जांच के उपरांत केस दर्ज किया गया है।
सुंदर नगर निवासी ठेकेदार मुकेश बंसल की शिकायत के अनुसार, उसकी A क्लास गवर्मेंट कॉन्ट्रैक्टर फर्म है। उसकी फर्म द्वारा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अंतर्गत लगभग 5-6 जिलों में गुणवत्तापूर्वक कार्य करवाया जाता रहा है। अब उनकी फर्म द्वारा हांसी में काली देवी मंदिर से विश्वकर्मा चौक तक रोड बनाने का काम कर रही है। लेकिन इस काम में कमियां बताते हुए वार्ड 18 की पूर्व पार्षद मोना चौधरी, उनके पति सीमांत चौधरी द्वारा गिरोहबंदी करके लगातार उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। आरोपियों द्वारा लगातार उनके काम में कमी बताकर अलग-अलग विभागों में शिकायत दी जा रही है। वे निर्माण कार्य घटिया होने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि जांच में उनका काम सही पाया गया है।
मुकेश बंसल की जानकारी के अनुसार, जितेंद्र, राहुल जेई व लाइट इंस्पेक्टर संदीप ने उसको बताया कि सीमांत चौधरी शिकायत वापस लेने के लिए एक करोड़ की रकम मांग रहा है। जब उसने इस बारे में सीमांत चौधरी से बात की तो उसने पैसे मांगे और कहा कि अगर पैसे नहीं दोगे तो तुम्हे हांसी में कोई काम नहीं करने दूंगा और तुम्हारे खिलाफ इसी प्रकार झूठी शिकायतें करता रहूंगा, झूठे मुकदमे दर्ज करवा दूंगा। पैसे न देने की एवज में मुझे जान से मारने व किडनैप करने की धमकी भी दी गई।
वहीं आरोपों के बारे में बात करते हुए सीमांत चौधरी ने बताया कि हांसी में हो रहे कामों में लगातार अनियमियताएं बरती जा रही हैं। उसकी इस ठेकेदार के साथ न तो कभी मुलाकात हुई है और न ही बात हुई है। ठेकेदार द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई सड़क कुछ ही महीनों में टूट गई है। इसके अलावा हांसी में स्ट्रीट लाइट लगाने में भी गड़बड़ी हुई है, जिसकी उसने शिकायत कर रखी है। उसके द्वारा दी गई शिकायतों के कारण ठेकेदारों को रिकवरी का डर है, इस कारण से उस पर दबाव बनाने के लिए केस दर्ज करवाया गया है।
