जींद की कृष्णा कॉलोनी (महादेव पेट्रोल पंप के पास) में एक 30 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान प्रदीप के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर अपनी लिव-इन पार्टनर, उसके पति और एक अन्य व्यक्ति की प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पुलिस ने मृतक के भाई के बयान और मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ साल से चल रहा था लिव-इन रिलेशनशिप
जानकारी के अनुसार, प्रदीप जूस की रेहड़ी लगाकर अपना जीवन यापन करता था और पिछले करीब डेढ़ साल से कृष्णा कॉलोनी में किराए के मकान में आशी नाम की महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। आशी के दो बच्चे भी हैं, जिनका पालन-पोषण प्रदीप द्वारा किया जा रहा था।
परिजनों के अनुसार, करीब 7-8 दिन पहले आशी बिना बताए प्रदीप को छोड़कर कैथल के गांव तारागढ़ स्थित अपनी ससुराल (अपने पति राकेश के पास) चली गई थी। इसके बाद प्रदीप उसे वापस लाने के लिए वहां पहुंचा, जहां कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भगा दिया गया।
नकली पुलिसकर्मी बनकर धमकी देने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद 25 मई 2026 को आरोपियों अजीत, आशी और उसके पति राकेश ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए प्रदीप को फोन किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उसे गंभीर रूप से डराया-धमकाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।
परिजनों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक तनाव के चलते प्रदीप पूरी तरह टूट चुका था और इसी डर के कारण उसने 27 मई 2026 को अपने किराए के कमरे में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
मौके से मिला सुसाइड नोट और अहम सबूत
घटना की सूचना पर पुलिस और डॉ. धर्मेंद्र के नेतृत्व में सीन ऑफ क्राइम (SOC) टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक कॉपी में लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला।
इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक पेन, काले रंग का ओप्पो मोबाइल फोन, जहरीले पदार्थ के दो सीलबंद पैकेट, एक बेडशीट और जहर के चार खाली पाउच बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
