चंडीगढ़। हरियाणा में पशुओं की नस्ल सुधारने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए हिसार में अत्याधुनिक सेक्स-सॉर्टेड सीमेन लैब स्थापित की जा रही है। इस परियोजना पर ₹18.63 करोड़ खर्च किए जाएंगे। लैब के लिए अब तक 110 गायों और भैंसों की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 50 पशुओं की टेस्टिंग बाकी है। शेष प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रयोगशाला शुरू करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रयोगशाला की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसके लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बजट आवंटित किया गया है। इस लैब से हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पशुपालकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
90 प्रतिशत से अधिक मादा पशु पैदा करने का लक्ष्य
पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम के अनुसार, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक के इस्तेमाल से 90 प्रतिशत से अधिक मादा पशु पैदा किए जा सकेंगे। इससे पशुपालक अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर नस्ल की मादा संतानों की संख्या बढ़ा सकेंगे।
मादा पशुओं की संख्या बढ़ने से भविष्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है। विभाग का मानना है कि इससे पशुपालन क्षेत्र को आर्थिक लाभ मिलेगा और आवारा पशुओं की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
हरियाणा में करीब 62 लाख गाय-भैंस
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में करीब 62 लाख गाय और भैंस हैं। इनमें लगभग 42 लाख भैंस और 20 लाख गाय शामिल हैं। इतनी बड़ी पशुधन आबादी को देखते हुए नस्ल सुधार और बेहतर प्रजनन तकनीक की जरूरत है।
पड़ोसी राज्यों के पशुपालकों को भी मिलेगा लाभ
हिसार में बनने वाली इस आधुनिक प्रयोगशाला से हरियाणा के पशुपालकों के अलावा पड़ोसी राज्यों के पशुपालकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक से मादा संतानों की संभावना बढ़ाकर डेयरी व्यवसाय को अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
फिलहाल 110 पशुओं की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और करीब 50 की प्रक्रिया बाकी है। इसके पूरा होने के बाद लैब को शुरू करने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।

