उपायुक्त यशपाल ने कहा है कि नशे के खिलाफ जिला में जमीनी स्तर पर एक मजबूत अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त आज सांय अपने कार्यालय में नारकोटिक्स कोर्डिनेशन विषय को लेकर अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए गांव में वार्ड स्तर पर कमेटियां गठित की जाएगी। इन कमेटियों में पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।

उपायुक्त यशपाल ने बैठक में संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक गांव व वार्ड स्तर की कमेटियां गठित कर दी जाए। इसी प्रकार से 7 फरवरी तक कलस्टर स्तर की कमेटी के गठन का कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों में ऐसे लोगों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्हें नशे के खिलाफ कार्य करने का जुनून है। कमेटियां गठित होने के उपरांत बाकायदा उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा कि किस प्रकार से उन्हें नशे के खिलाफ कार्य करना है। उन्होंने कहा कि ये कमेटिया अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के आदि लोगों को चिन्हित करेगी और ऐसे चिन्हित लोगों का डाटा प्रयास ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ-साथ मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले लोगों को भी चिन्हित करके उनका विवरण भी उक्त ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही यह कमेटियां नशे के आदि लोगों की काउंसलिंग करवाएगी और उनका उपचार भी सुनिश्चित करेगी।

उपायुक्त यशपाल ने बताया कि नशे के खिलाफ स्टेट एक्शन प्लान तैयार किया जा चुका है और उसके तहत जिम्मेदारी अभी निर्धारित की जा चुकी है। इस एक्शन प्लान के तहत स्कूल, कॉलेज दर पर विद्यार्थियों के 5-5 के ग्रुप बनाए जाएंगे। इस ग्रुप को धाकड़ नाम दिया गया है। ग्रुप के सदस्य इस बात का ध्यान रखेंगे कि उनमें से कोई नशे की ओर तो नहीं जा रहा है। अगर ऐसा पता चलता है तो संबंधित छात्र अपने सीनियर टीचर को इस बारे में सूचित करेगा और सीनियर टीचर अपने प्रिंसिपल जिसे सीनियर नोडल धाकड़ का नाम दिया गया है, उसे सूचना देगा। इसकी भी डीटेल्स ऐप पर डाली जाएगी और संबंधित कमेटी को भी इस बारे सूचित किया जाएगा ताकि नशे की ओर बढ़ रहे युवा का उपचार आरंभ किया जा सके।

उपायुक्त यशपाल ने बताया कि इसी अभियान के तहत प्रयास ऐप के अलावा साथी मोबाइल ऐप भी बनाया गया है। इस ऐप पर ड्रग विभाग के अधिकारी केमिस्ट, मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले व दवा उत्पादन करने वालों की वेरिफिकेशन करके उक्त ऐप पर विवरण अपलोड करेगा। उन्होंने कहा कि गांव, वार्ड तथा कलस्टर स्तर पर कमेटियों के गठन के साथ ही जिला में नशे के खिलाफ धरातल पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। उपायुक्त यशपाल ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें नशा मुक्त बनाना है।

बैठक में रोहतक एसडीएम राकेश कुमार सैनी, महम के एसडीएम दलवीर फोगाट, सांपला के एसडीएम सुभाष चंद्र जून, नगराधीश मोहित महराना, डीएसपी डॉ. रविंद्र, जिला राजस्व अधिकारी चन्द्रमोहन, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, रोहतक के तहसीलदार मनोज कुमार, सांपला के तहसीलदार गुलाब सिंह व डीआईओ डॉ. जितेंद्र मलिक सहित विभिन्न राज्यसभा अधिकारी मौजूद थे।

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