रोहतक पुलिस की टीम ने अमेरिका भेजने के नाम पर 56 लाख रुपये की जबरन वसूली करने के मामले मे आरोपी को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपी को पेश अदालत किया गया। अदालत के आदेश पर आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
आर्थिक अपराध शाखा ईंचार्ज निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि गांव गिझी निवासी रोहित की शिकायत के आधार पर थाना सांपला मे अभियोग अंकित कर जांच शुरु की गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि सोनीपत निवासी अंकुश ने रोहित को सम्पर्क किया और बताया कि उसका भाई अमेरिका मे रहता है और वह उसको कानूनी विजा के माध्यम से अमेरिका भिजवा सकता है। जिसकी कुल लागत 1800000/- रुपये होगी। जिसके बाद रोहित की आशु से बात करवाकर संदीप नामक युवक को रोहित का नाम दे दिया। रोहित को बताया कि उसे सबसे पहले अजरबैजान भेजा जायेगा जंहा से उसका टूरिस्ट विजा अमेरिका के लिये अप्लाई किया जायेगा। दिनांक 25 अप्रैल 2024 को अजरबैजान पंहुचने के बाद ¾ और देशो की यात्रा करने बारे कह गया। जिसके बाद रोहित को कजाकिस्तान, दुबई और फिर भारत वापिस भेजा गया। रोहित की राजेन्द्रा निवासी कैमला से बात करवाई गई। जिसने कहा कि उसे सूरीनाम दक्षिणी अमेरिका भेजा जायेगा जंहा से वीजा लगवाना आसान होगा। उन्होन रोहित का खर्चा बढाकर 2500000/- रुपये कर दिया। रोहित ने 1100000/- रुपये उनको किश्तो मे दे दिये थे। जिसके बाद दिनांक 07 अगस्त 2024 को रोहित को घाना व सुरिनाम भेजा गया। रोहित को राजेन्द्र ने बताया कि वह यह कार्य अंकुश के माध्यम से करवा रहा है। रोहित ने अकुंश से बात की तो उसे कहा कि उसकी 32 लाख रुपये मे बात हुई। राजेन्द्र ने बताया कि उसकी 35 लाख रुपये मे संदीप के साथ डील हुई है। रोहित की शुरु मे अंकुश और आशु से 25 लाख रुपये मे बात हुई है। रोहित ने रुपये देने का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई व पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज छीन लिये। रोहित के परिवार के डर के कारण राजेन्द्र को 22 लाख रुपये दे दिये। जिसके बाद उन्होने रोहित को डंकी रुट के माध्यम से भेजा जायेगा। रोहित को डंकी के माध्यम से सुरिनाम से फेंच गुयाना और फिर ब्राजील बस द्वारा ले जाया गया। रोहित को औऱ रुपये देने बारे कहा ना देने पर माफिया को बेचने बारे धमकी दी गई। रुपये ना देने पर रोहित को एक खदान मे छोडा गया औऱ रोहित के परिवार पर रुपये देने का दबाब बनाया गया। रोहित के परिवार ने 32 लाख रुपये दिये। जिसके बाद रोहित को ब्राजील से बोलिविया, पेरु, इक्वाडोर और कोलंबिया भेजा गया। रोहित से दोबारा रुपये की मांग की गई और ना देने पर मारपीट की गई। जिसके बाद रोहित को पानामा, कोस्टारिका, निकारागुआ, होंडूरस और ग्वाटेमाला भेजा गया। वहां पर एजेन्टो को रुपये ना देने के कारण रोहित को आगे भेजने से मना कर दिया। रोहित को वहां से मैक्सिको लाया गया। मैक्सिको मे रोहित से 335000/- रुपये वसूल कर लिये। जिसके बाद रोहित को अमेरिका की सीमा अवैध रुप से पार करने बारे कहा। इसी दौरान रोहित को अमेरिकी अधिकारियो द्वारा काबू कर डिटेंशन सेंटर मे रखा गया। दिनांक 26 फरवरी 2025 को कोस्टारिका डिपोर्ट कर दिया गया। 2 मई 2025 को रोहित को कोस्टारिका से भारत भेज दिया गया। रोहित से कुल 56 लाख रुपये की जबरन वसूली की गई।
मामले की जांच स.उप.नि. विरेन्द्र द्वारा अमल में लाई गई। दौरान जांच दिनांक संदीप उर्फ मोनू पुत्र सत्यनारायण उर्फ काला निवासी मतंद जिला सोनीपत को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह मे शामिल रहे आरोपी अंकुश को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
