रोहतक में नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने निगम की सफाई शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ गुरुवार को बैठक की। इस दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने आमजन से अपील की कि जीरो वेस्ट घर बनाने में नगर निगम का सहयोग करें। कहा कि अपने घर से निकलने वाले गीले व सूखे कूड़े को पहले अलग-अलग करें।
फिर गीले कूड़े से स्वयं खाद बनाकर उसका इस्तेमाल पेड़-पौधों और सब्जियों में किया जा सकता है। इसके अलावा सूखे कूड़े को शहरवासी कबाड़ी को बेच सकते हैं। इससे हर घर जीरो वेस्ट/कचरा मुक्त घर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के कार्य को सबको मिलकर सेवा भाव से करना है। यदि हम स्वच्छ होंगे तो स्वस्थ भी होंगे। निगम कमिश्नर ने 22 वार्डों में सफाई अभियान चलाने का भी आदेश दिया।
इधर नगर निगम की अब तक की बार बार की कोशिशों के बावजूद सूखा-गीला कूड़ा डोर टू डोर पहुंच रहे वाहनों एक साथ मिलाकर डाला जा रहा है। जबकि जागरुकता अभियान से लेकर कई प्रयास निगम की ओर से किए गए। एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित पाॅलीथिन का भी बाजारों में दुकानदारों और आमजन द्वारा धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। कहने को शहर डस्टबीन फ्री कर दिया गया है। लेकिन आज भी कई एेसे प्वाइंट हैं, जहां बिना डस्टबीन चौक, सड़कों व गलियों में कूड़े का ढेर लगता है। बाद में निगम की सफाई टीम द्वारा उठाने जाने तक सूअर, कुत्ते और उधर से आने जाने वाले वाहनों से बिखर कर वातावरण में बदबू फैलाता है। बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों व झुंड में घूम रहे बंदरों से आमजन त्रस्त हो चुके हैं। इसके बाद भी नगर निगम द्वारा समाधान नहीं किया जा रहा है।
स्वच्छता की राह की ये हैं चुनौतियां
- पुराना सीआईए चौक, मानसरोवर पार्क के सामने, बजरंग भवन व अशोका चौक के बीच खाली प्लाट, काठमंडी पुल के बाद सड़क के किनारे कूड़े-कचरे का ढेर मिलता है।
- पॉश इलाके सहित अधिकांश कॉलोनियों व सेक्टर्स एरिया में दिनरात जमा हुए बेसहारा गोवंश जहां सड़क दुर्घटना की वजह बन रहे हैं। वहीं गोबर फैलने से गंदगी बढ़ रही है।
- 80 लाख रुपए कुत्तों की नसबंदी पर खर्च करने के बाद आवारा कुत्तों की बढ़ी आबादी से मुश्किल हालात बन रहे हैं।
- सेक्टर्स व शहर के कई एरिया में झुंड में घूम रहे बंदरों के हमले में लोग घायल हो रहे हैं। बंदर घर में घुसकर सामान को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक शहर में धड़ल्ले से बिक और इस्तेमाल हो रही है।
- 30 जून को हुई अतिवृष्टि के बाद से 2 दर्जन से अधिक मोहल्लों में सीवर जाम व ओवरफ्लो होने से हालात बिगड़े हैं।
