हरियाणा के सरकारी हॉस्पिटलों में अब डॉक्टर और स्टाफ,जींस और टीशर्ट नहीं पहनेंगे। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान उन्हें फॉर्मल ड्रेस कोड के कानून को मानना होगा। इसके साथ-साथ Hospital में महिला स्टाफ के सैंडल और अन्य कर्मचारियों के चप्पल पहन कर आने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के अतिरिक्त मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन करते हुए सभी सिविल सर्जन हॉस्पिटल के Staff को यह जानकारी साझा कर रहे हैं।

ऐसा ही एक पत्र पंचकूला सिविल सर्जन डॉक्टर मुक्ता ने अस्पताल कर्मचारियों के लिए जारी किया है। इस लेटर के अनुसार अस्पताल कर्मचारी जींस और टीशर्ट पहनकर हॉस्पिटल नहीं आएंगे। डॉक्टर मुक्ता द्वारा आदेशों की पुष्टि करते हुए बताया गया कि डॉक्टर और स्टॉफ व अन्य कर्मचारी जब Duty के लिए आएंगे तो उन्हें फॉर्मल ड्रेस कोड (Formal Dress Code) में आना होगा।

स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों से मिले आदेशों के बाद District लेवल पर हॉस्पिटल कर्मियों को कहा गया है कि हॉस्पिटल में डॉक्टर और स्टाफ नर्स के साथ अन्य संबंधित कर्मचारी एप्रोन पहनेगे। जिनके लिए एप्रोन पहनना Compulsory है उनकी एप्रोन पर पद और Name Plate भी लगाई जाएगी ताकि किसी भी मरीज को डॉक्टर या स्टाफ को पहचानने में समस्या ना हो और उसे यह भी पता रहे कि वह किस डॉक्टर या स्टाफ से बातचीत कर रहा है।

आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले भी इस प्रकार के कई आदेश जारी किए हैं लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर और स्टाफ नर्स इनका पालन नहीं करते हैं। डॉक्टर और स्टॉफ Dress नहीं पहनते है और इसी कारण कई बार मरीजों और तीमारदारों के साथ विवाद भी हो चुका है। कई बार एप्रोन न पहनने के कारण मरीजों को डॉक्टर के पहचान नहीं होती और वह इलाज के लिए इधर-उधर घूमते रहते हैं। अस्पताल से जुड़ी व्यवस्था को ठीक रखने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं।

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