जन्माष्टमी का त्योहार हर साल बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू पंचागों के मुताबिक, हर साल भादो महीने की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। मान्यताओं के मुताबिक, जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्री को मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए जन्माष्टमी पर लोग व्रत रखकर छोटे बाल गोपाल के आगमन की तैयारियां करते हैं। उनके आने की खुशी में अलग-अलग पकवान भी बनाते हैं। मंदिर और घर भी बहुत अच्छे से सजाए जाते हैं। पंचागों के कारण इस साल जन्माष्टमी दो तिथियों पर मनाई जाएगी। तो चलिए आपको बताते हैं कि कब है जन्माष्टमी और इस बार कौन सा शुभ योग बन रहा है…

ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा: 

जन्माष्टमी पर कान्हा जी की पूजा करने के लिए आप सबसे पहले दूध, दही, शहद और जल से उनका जलाभिषेक करें। फिर बाल गोपाल जी को झूलें में बैठाकर झूला झुलाएं। आप कान्हा जी को माक्खन, मिश्री, लड्डू, धनिया पंजीरी और मिठाइयों का भोग लगाएं। मध्यरात्रि 12 बजे के बाद  लड्डू गोपाल जी की पूजा करें  पूजा करने के बाद लड्डू गोपाल जी की आरती भी जरुर करें। 

इन चीजों का लगाएं भोग:

धनिया पंजीरी का भोग :

भगवान श्रीकृष्ण को धनिया पंजीरी का भोग लगाया जाता है। धनिया पंजीरी भोग बनाने के लिए आपको धनिया पंजीरी पाउडर, घी, बादाम, काजू, किश्मिश और मिश्री की आवश्यकता पड़ेगी। फिर धनिया को भून कर इसमें सारी चीजें मिला दें। आपका भोग बनकर तैयार है। 

माखन-मिश्री का भोग :

आप जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जी को माखन-मिश्री का भोग भी जरुर लगाएं। माखन-मिश्री कान्हा जी को बहुत ही पसंद है। माखन-मिश्री बनाने के लिए आपको सिर्फ सफेद मक्खन और मिश्री की जरुरत होगी। दोनों चीजों को साथ में मिला लें। फिर इसमें तुलसी का पत्ता डालें। तुलसी का पत्ता डालने से भी भगवान का प्रसाद पूरा होता है। 

मखाना पाग:

यह जन्माष्टमी पर बनने वाला एक पारंपारिक भोग है। मखाना के साथ आप घी, दूध और चीनी से तैयार किया गया मखाना पग छप्पन भोग का हिस्सा होता है। 

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