खरावड़ में जिस जगह मालगाड़ी डिरेल हुई उसी जगह से 25 मिनट पहले अवध आसाम एक्सप्रेस गुजरी थी। शुक्र रहा कि दुर्घटना उसके बाद हुई, वरना आसाम एक्सप्रेस चपेट में आ जाती तो बड़ा हादसा हो गया होता। साथ ही किसान एक्सप्रेस को भी हादसे की सूचना के बाद रोहतक जंक्शन पर घटनास्थल से महज 9 किमी. पहले ही रोककर लौटाया गया। अवध आसाम एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ होती है। यह ट्रेन रोहतक जंक्शन पर आई और करीब 1300 यात्रियों के साथ आगे बढ़ी।
खरावड़ के समीप से यह ट्रेन 9:50 बजे गुजरी। जबकि 10:15 बजे मालगाड़ी डिरेल हो गई। उधर, इस हादसे की सूचना रोहतक जंक्शन पर मिलने के दौरान किसान एक्सप्रेस कुछ देर में ही जंक्शन पर पहुंचने वाली थी। इस पर किसान एक्सप्रेस के चालक मनमोहन लाल को 9 किमी. आगे ट्रैक पर जंक्शन ट्रेन रोकने का निर्देश दिया गया। जिस पर ट्रेन को जंक्शन पर ही रोक दिया गया।
साफ होने में घंटों का समय लगने की पक्की आशंका के चलते इस ट्रेन को जंक्शन से वापस लौटाया दिया गया। इस ट्रेन में सवार यात्रियों की संख्या 1100 के करीब बताई गई। इसके अलावा खरावड़ में घटनास्थल के पास से 10 मिनट पहले ही एक मालगाड़ी गुजरी थी। जबकि उससे भी 25 मिनट पहले सर्वदा एक्सप्रेस निकली थी। वहीं रेलवे ने हादसे के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं।
पटरी से उतरे मालगाड़ी के डिब्बे हटाने और कोयला हटाने के दौरान स्पेस कम पड़ गया। उपर ओएचई वायर में लाइट होने से किसी के करंट की चपेट में आने का खतरा हो गया। जिस पर रेलवे अफसरों के आदेश पर ओएचई वायर की लाइट काटी गई। इसके बाद क्रेन से मलबा हटाने का काम तेज किया गया।
मालगाड़ी में गार्ड अर्जुन ने रेलवे के एक अधिकारी को बताया कि वह पीछे के डिब्बे में था। तभी अचानक तेज आवाज के साथ पीछे के तीन डिब्बे से अगला डिब्बा पटरी से उतरा। कुछ समझ पाता इससे पहले ही धड़ाधड़ अगले डिब्बे पटरी से उतरते चले गए। तीन डिब्बे पीछे रह गए। यह तेज आवाज सुनकर चालक अमित मीणा ने इंजन को रोका। ट्रैक पर हादसे की जानकारी देना जरुरी था, इसलिए चालक ने रेलवे के कंट्रोल रुम में कॉल करके दुर्घटना की जानकारी दी। इस बीच किसी जानमाल की हानि की बात पूछा गया, जिस पर ऐसा होने से इंकार किया गया। जिसके बाद सभी स्टेशनों पर घटनास्थल पर दुर्घटना बताकर रेलवे ने मैसेज फ्लैश किया।
रेलवे ने युद्धस्तर पर खरावड़ में ट्रैक को साफ करने का काम शुरू कराया है। इसमें दिल्ली से श्रमिकों को बुलाकर कार्य कराया जा रहा है। रेलवे अफसरों ने इसके अनुसार मलबा हटाने के साथ ही ट्रैक भी दुबारा बनाया जाना है। इसके लिए अिधकारियों को सुबह 8:15 मिनट का लक्ष्य दिया गया है। ताकि ट्रैक बहाल हो सके।
24 जून को भी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी डिरेल हो गई थी। इसमें डिरेल हुए कोच के व्हील की गहराई कम पाई गई थी। रविवार को फिर रोहतक परिक्षेत्र में दुर्घटना हुई। इसमें भी प्राथमिक जांच में बोल्ट ढीले होने के बाद टूटे। यानि डिब्बे को शंटिंग करते समय भी लापरवाही हो सकती है। जिसके बाद दूसरे डिब्बे भी पटरी से उतरे।
