बहादुरगढ़ के सेक्टर 7 में स्थित एक मकान में रहने वाले एक मां-बेटा ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसकी वजह से दोनों की मौत हो गई। प्रारम्भिक तौर पर मामला सुसाइड का लग रहा है, लेकिन हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया है। पुलिस द्वारा मौके पर जांच की जा रही है। मृतकों की पहचान करीब 45 वर्षीय दिनेश और करीब 65 वर्षीय रामरती के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से रोहतक के कबूलपुर के रहने वाले थे। पिछले कुछ समय से यहां सेक्टर 7 हाउसिंग बोर्ड में किराए पर रह रहा थे।
जानकारी के अनुसार मृतक दिनेश और उसकी मां रामरति दोनों अपने मकान के बाहर वाले कमरे में थे। जबकि दिनेश की पत्नी और दो बच्चे अंदर वाले कमरे में सोए हुए थे। सुबह जब दिनेश की पत्नी उठकर बाहर वाले कमरे में आई तो दिनेश फर्श पर पड़ा था और उसकी मां रामरति चारपाई पर थी। दोनों बेहोश थे। दोनों की हालत खराब होती देख उसकी पत्नी ने दिनेश को संभाला और तुरंत आसपास के लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही सेक्टर छह थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। पुलिस को मृतक दिनेश की पत्नी ने बताया कि वह सुबह पांच बजे जब उठी तो उसकी सास उल्टी कर रही थी। उसने पानी दिया। उस वक्त तक सब ठीक था, लेकिन जब वह आठ बजे कमरे में आई तो दोनों निढ़ाल थे। पुलिस ने फिलहाल घटना को संयोग मानते हुए रिपोर्ट दर्ज की है और जांच कर रही है। मृतक युवक कि ससुराल पक्ष को भी बुलाया गया है।
सेक्टर छह थाना प्रभारी सुनील कुमार का कहना है कि घटना की गहराई से छानबीन की जा रही है। अभी तक मां-बेटे के एक साथ जहरीले पदार्थ के सेवन की वजह नहीं पता चल पाई है। सभी पक्षों से बातचीत की गई है। परिवार में कोई कलह तो नहीं थी इसका पता किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले दिनेश के पिता की भी इसी तरह संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका शव घर से कई किलोमीटर दूर सुनसान एरिया में मिला था। अब दिनेश और उसकी मां रामरति की मौत कैसे हुई यह भी सवाल बना हुआ है।
हालांकि फिलहाल पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। परिजनों के बयान के लिए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
