चंडीगढ़ में बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है। सेक्टर-9 स्थित कार्मल कान्वेंट स्कूल में सुबह ही एक विशालकाय पेड़ टूटकर गिर गया। पेड़ गिरने से कई बच्चे इसकी चपेट में आए हैं। बताया जा रहा है कि एक बच्ची की मौत और 19 स्कूली बच्चे घायल हुए हैं। साथ ही अटेंडेंट भी घायल है। मृतक छात्रा की पहचान हिराक्षी के रूप में हुई है। वह माता-पिता के साथ सेक्टर- 43 में रहती थी। जो पेड़ गिरा वह करीब 250 साल पुराना था। प्रशासन ने इसे हैरिटेज ट्री का दर्जा देकर संरक्षित किया था। इसे चारों तरफ से सीमेंट से कवर किया हुआ था। इसके पास बच्चे अक्सर लंच टाइम में बैठा करते थे और खेलते थे।

दरअसल, हादसा उस समय हुआ, जब स्कूल में लंच टाइम था और इस दौरान पेड़ के नीचे बैठकर बच्चे खाना खा रहे थे। बताया जा रहा है कि उस समय 6 वी क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक के बच्चे पेड़ के नीचे खेल भी रहे थे। तभी अचानक जब पेड़ गिरा तो आसपास हड़कंप मच गया और बच्चे पेड़ के नीचे दबे गए। घायल बच्चों को जीएमएसएच-16 में भर्ती करवाया गया है। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए हैं। साथ रेस्क्यू टीम ने बच्चों को निकाला है।

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी कुलदीप सिंह चहल समेत कई पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। सेक्टर 3 थाना पुलिस घटना की जांच कर रही है। 11 बच्चों को गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल (GMSH) 16 में भर्ती करवाया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। 2 बच्चे PGI में भर्ती किए गए हैं। घायल बच्चों से मिलने प्रशासनिक अफसर अस्पताल पहुंचे हुए हैं।

हादसा को लेकर चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही बाकी स्कूलों में भी इस तरह के पेड़ों को लेकर जांच की जाएगी और 2 दिन के अंदर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट सर्वे करेगा। अब तक जानकारी मिली है कि इस हादसे की चपेट में 19 बच्चे और एक अटेंडेंट आई है।

जिस पेड़ के गिरने से यह हादसा हुआ है उसे हैरिटेज ट्री का दर्जा हासिल था। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि स्कूल जैसी जगह पर ऐसे हैरिटेज पेड़ का क्या काम। हैरिटेज पेड़ कभी तो पुराना होकर गिरना ही था। प्रशासन को उसका हैरिटेज ट्री लव क्या बच्चों की जान से ज्यादा प्यारा था। इतने पुराने पेड़ को यहां से कटवाने या इसकी छंटनी करवाने के बारे में क्यों नहीं सोचा गया?

इस पेड़ के बारे में लिखा गया है कि मैं 250 साल पुराना हूं, मगर अब भी काफी जवान और तरो-ताजा महसूस करता हूं क्योंकि मैं बच्चों से घिरा रहता हूं। इस स्कूल की बिल्डिंग मेरे सामने बनी थी। मैं बच्चों को बहुत प्यार करता हूं और लगता है वे भी मुझे बहुत प्यार करते हैं। मैं पीपल के नाम से जाना जाता हूं और मेरा वैज्ञानिक नाम फाइकस रिलिजियोसा है। मैं 70 फीट ऊंचा हूं और मेरे पत्ते दिल के आकार के हैं। बच्चे मेरे पत्तों की नसों के पैटर्न का इस्तेमाल कर सुंदर कार्ड बनाते हैं। कई मौकों पर बच्चे मेरे 33 फीट के मोटे पेट (तने) को डेकोरेट करते हैं। वे मेरे सेक्टर 9 ए स्थित हैरिटेज पेड़ भाइयों से भी मिलते हैं और हेलो बोलते हैं। मेरे परिवार की टेक्निकल जानकारी के लिए QR कोड पर स्कैन करें।
