सोनीपत में हुए हादसे में घायल होने के बाद पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती छात्रों की हालत में सुधार होने लगा है। एक छात्र को वीरवार को तथा बाकी दोनों छात्रों को शुक्रवार को होश आ गया। डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। दिनभर उनका हालचाल लेने के लिए पहुंचने वाले छात्र आईसीयू के बाहर तक जाकर लौटते रहे।
400 से ज्यादा छात्र आईसीयू के बाहर से लौटे: दुर्घटना में घायल तीनों छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए पीजीआई हॉस्टल के छात्र सुबह से शाम तक ट्रॉमा सेंटर में पहुंचते रहे। आईसीयू के अंदर तक पहुंचने कर घायलों को देखने का प्रयास किया। दिनभर आईसीयू के बाहर तक पहुंचे छात्रों को गार्ड व्यवस्थाओं का हवाला देकर लौटते रहे। कई छात्र उन्हें देखने के लिए देर तक रिक्वेस्ट करते हुए दिखाई दिए।
मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की: सड़क हादसे में छात्रों की मौत के बाद शुक्रवार को पीजीआई के लेक्चरर थिएटर में शोक सभा आयोजित की गई। जिसमें पीजीआई के आला अफसरों के अलावा काफी संख्या में छात्र शामिल हुए। दो मिनट का मौन धारण करके मृतक छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। वीसी डॉ. अनिता सक्सेना, डॉ. ईश्वर सिंह, कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल उपस्थित रहे।
छात्रों ने मेडिकल मोड़ तक निकाला कैंडल मार्च
शाम के समय छात्रों ने पीजीआई के डीन पार्क से लेकर मेडिकल मोड तक कैंडिल मार्च निकाला। इसमें मृतक तीन छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। अभिषेक, तरुण, शुभम, अमन, भव्या आदि छात्र शामिल रहे।
