रोहतक में देर रात युवक को बिना कसूर पीटने के मामले में शुक्रवार को हरियाणा पुलिस का एक सिपाही सस्पेंड कर दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया तो कोर्ट ने उसे जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया है। दूसरी ओर इस मामले में नामजद रोहतक नगर निगम के पार्षद पप्पन गुलिया को क्लीन चिट देने की तैयारी चल रही है। सैनीवास निवासी चांद ने 2 अगस्त को सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 1 अगस्त की रात को करीब साढ़े 10 बजे उसका भाई सूरज अपने ताऊ के लड़के जयप्रकाश निवासी लक्ष्मण पुरी के घर आ रहा था।
रास्ते में उसे सुनारिया स्थित पुलिस अकादमी में तैनात कॉन्स्टेबल पुलिसकर्मी जितेंद्र उर्फ जिंदु मिला, जो उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लग गया। मामला बढ़ने पर जितेंद्र ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। पुलिस उसके भाई जयप्रकाश को गोकर्ण पुलिस चौकी में ले गई, वहां वार्ड 4 के पार्षद पप्पन गुलिया, जितेंद्र, ओमप्रकाश, रूपक, राणा, रवि, पिल्लू, संदीप किराड़ (तोता), जिंदु, मोहित, आशु व अन्य 15-20 आदमी भी आ गए। उन्होंने वहीं पर ही उसके भाई जयप्रकाश व उनके साथ मारपीट की। झगड़ा सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हो गया।
पुलिस ने पुलिसकर्मी जितेंद्र, निगम पार्षद पप्पन गुलिया सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उधर, दूसरे पक्ष की तरफ से आधा दर्जन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार मामले में पुलिसकर्मी जितेंद्र उर्फ जिंदु सहित ज्यादातर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। निगम पार्षद पप्पन गुलिया के खिलाफ अभी कोई सबूत नहीं मिला है। मामले की निष्पक्षता से कार्रवाई की गई है।
