सिद्धू मूसेवाला के मर्डर की पूरी प्लानिंग सीकर में ही की गई और मर्डर में शामिल 6 बदमाशों में से 5 बदमाश पंजाब और 1 सीकर का था। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी सीकर की थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मर्डर की प्लानिंग में सीकर के कई बदमाश शामिल थे।
लॉरेंस ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए राजस्थान के ही कई गैंगस्टर्स से बात की थी। लॉरेंस ने उन्हें मैसेज भिजवाया था- बड़ा काम देना है, जल्दी कॉन्टेक्ट करो। कई गैंगस्टर्स ने ये काम करने से मना कर दिया, लेकिन सीकर का गैंगस्टर सुभाष बराल पुराना एहसान उतारने के लिए काम करने को तैयार हो गया। लॉरेंस ने बराल पर मर्डर की प्लानिंग के लिए दबाव बनाया था।
लॉरेंस ने जोधपुर के हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह को जेल से फोन किया कि राजू फौजी के लिए बड़ा काम है, उससे कहना मुझे कॉल करे। राजू फौजी अपने पास फोन नहीं रखता है और उन दिनों वह फरार था। ऐसे में विक्रम सिंह का राजू से कॉन्टेक्ट नहीं हुआ और वह उसे लॉरेंस का मैसेज नहीं दे पाया। कुछ दिनों बाद राजू पकड़ा गया था। लॉरेंस ने कई बड़े गैंगस्टर्स को भी बड़ा काम देने के लिए मैसेज किए थे।
अजमेर जेल में लॉरेंस और सीकर के गैंगस्टर सुभाष बराल की पहचान हुई थी। सुभाष बराल पर लॉरेंस का बड़ा एहसान था। सुभाष का चाचा हरदेवाराम चुनाव लड़ना चाहता था। ऐसे में लॉरेंस ने सुभाष बराल के कहने पर जेल से शूटर भेज कर जुराठड़ा सरपंच सरदार राव की हत्या करवा दी थी।
पुलिस जांच में भी पुष्टि हुई थी कि हरदेवाराम के पास जो फोन कॉल आए थे, उनकी कॉल लोकेशन अजमेर जेल ही थी। दिल्ली की तिहाड़ जेल से भी जयपुर के एक बिल्डर से लॉरेंस ने एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। फिरौती मांग कर धमकाने में भी बराल का नाम सामने आया था। बराल ने एक नई स्कॉर्पियो भी खरीदी थी, लेकिन उसकी हालत ऐसी हो गई कि तेल डलवाने के भी रुपए नहीं थे। बराल अभी इसी मामले में फरार चल रहा है।
