सोनीपत के गोहाना में मां और मामा के जुल्म के खिलाफ लड़ रही 12 वर्षीय बालिका को स्थानीय कोर्ट ने दिया न्याय। मां के मुंह बोले भाई को बच्ची से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है तो वहीं बालिका की मां को भी मामला दबाने व बच्ची को डराने पीटने के जुर्म में 2 साल की सजा सुनाई। दरअसल जब मां ने उसकी पीड़ा नहीं सुनी तो उसने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर मदद मांगी थी। उस समय पीड़िता पांचवी कक्षा में पढ़ती थी।
मिली जानकारी के अनुसार महिला अपनी 12 साल की बेटी के साथ सोनीपत के गोहाना में रहती थी। जहां महिला के घर एक आपराधिक किस्म के युवक राजेश का जो कि उसके मायके से ही था और महिला उसे अपना धर्म भाई बताती थी का आना जाना था। बच्ची भी उसे मामा कहती। एक दिन जब बच्ची घर पर अकेली थी तो युवक ने उससे डरा धमका कर दुष्कर्म किया।
जिसकी जानकारी जब बच्ची ने अपनी मां को दी तो उसने उसकी पीड़ा समझने और आरोपी के खिलाफ कोई कदम उठाने के बजाए उल्टे उसे ही मारा पीटा और यह सब किसी को न बताने को कहा। इसके बाद युवक उससे लगभग डेढ़ साल तक लगातार रेप करता रहा।
जिसके चलते पांचवी कक्षा की इस बालिका ने एक दिन मौका पाते ही अपनी साथ हो रही ज्यादती की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन फोन कर को दे दी। 8 अगस्त 2019 को पुलिस और टीम उनके घर पहुंच गई। बालिका ने अपने पर हो रही सारी ज्यादती की जानकारी खुल कर टीम को बताई जिसके पश्चात पुलिस ने बच्ची की मां से कड़ाई से पूछा तो उसने बताया कि युवक इन दिनों रोहतक जेल मे है। पुलिस ने वहीं से उसे गिरफ्तार कर लिया।
बालिका ने कोर्ट में दी गवाही में अपनी मां के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि बालिका की मां को भी इस केस में आरोपी बनाया जाए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी।
सोनीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को मामा राजेश को उम्रकैद और 70 हजार रुपए जुर्माने के साथ साथ पीड़ित बालिका की मां को 2 साल की कैद और 25 हजार रुपए का जुर्माना किया है। जुर्माने की राशि न देने पर दोनों को और ज्यादा दिन जेल में रहना होगा
