चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत करने और गुरुग्राम में यातायात जाम की समस्या कम करने की दिशा में अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी (HPPC) और हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में कुल 9 प्रस्तावों पर सहमति बनी।
बैठक में हरियाणा रोडवेज के लिए 500 नई डीजल बसों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही गुरुग्राम में दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास बनाने की परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली।
रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 500 नई बसें
मुख्यमंत्री ने हरियाणा रोडवेज के लिए 500 पूर्ण निर्मित नॉन-एसी डीजल बसों की खरीद को मंजूरी दी। ये बसें बीएस-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप होंगी।
इसके अलावा 24 पूर्ण निर्मित डीजल ट्रकों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। रोडवेज के डिपो और सब-डिपो की आगामी एक वर्ष की जरूरत के अनुसार डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
गुरुग्राम में दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास बनेगा
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की तीन प्रमुख यातायात परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास शामिल हैं।
- सेक्टर-45-46 और 51-52 का चौराहा: यहां फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
- सेक्टर-85-86 और 89-90 का चौराहा: इस स्थान पर भी फ्लाईओवर निर्माण होगा।
- सेक्टर-27-29 और 43-44 का चौराहा: मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के आसपास यातायात का दबाव कम करने के लिए अंडरपास बनाया जाएगा।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख चौराहों पर जाम कम करना और अलग-अलग सेक्टरों के बीच आवागमन को आसान बनाना है।
खरीद समिति की बैठक में 7 एजेंडे रखे गए
हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की बैठक में कुल 7 एजेंडे प्रस्तुत किए गए। इनकी अनुमानित लागत 351.46 करोड़ रुपये थी। इनमें से 4 मामलों में दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया, जबकि 3 एजेंडों को अंतिम रूप दिया गया।
इन तीन एजेंडों की मूल अनुमानित लागत 208.91 करोड़ रुपये बताई गई है।
परिवहन और शहरी यातायात सुधार पर जोर
सरकार के इन फैसलों से रोडवेज के बेड़े में नई बसें और ट्रक शामिल करने का रास्ता साफ होगा। वहीं, गुरुग्राम की तीन यातायात परियोजनाओं से प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करने और आवागमन बेहतर बनाने की उम्मीद है।
