रोहतक। शहर में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। महज तीन दिन में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 33 से बढ़कर 285 तक पहुंच गया है। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सुबह और शाम के समय धुंध और धूल का असर भी दिखाई देने लगा है।
हवा की रफ्तार कम होने से बढ़ा प्रदूषण
मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश के अनुसार, पिछले दिनों हवा की रफ्तार घटकर 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है। हवा की गति कम होने के कारण वातावरण में मौजूद धूल के कण नीचे सतह की ओर आ रहे हैं और नमी के साथ मिलकर हवा में तैर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की रफ्तार 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक नहीं बढ़ेगी, तब तक धूल और स्मॉग का असर बना रह सकता है।
पिछले साल से भी ज्यादा AQI
नवंबर की शुरुआत के साथ ही शहर में वायु गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। वर्ष 2025 में 2 नवंबर को AQI करीब 210 दर्ज किया गया था, जबकि इस बार यह बढ़कर 285 तक पहुंच गया है। इससे प्रदूषण की स्थिति और गंभीर होने का संकेत मिल रहा है।
प्रदूषण की निगरानी के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने स्टेडियम और सिविल लाइंस क्षेत्र में नए मॉनिटरिंग उपकरण लगाने की योजना बनाई थी। हालांकि, निगरानी व्यवस्था सीमित होने के कारण शहर के सभी इलाकों की प्रदूषण स्थिति का सटीक आंकड़ा मिलना चुनौती बना हुआ है।
प्रदूषण से बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह
डॉ. आरके दहिया ने प्रदूषण से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- नाक में तेल या घी लगाने से बचें।
- हल्दी और नमक के गरारे करें।
- दिन में कई बार आंखों को धोएं और फलों की सफाई करें।
- घर आने के बाद कपड़े बदलें और उन्हें अच्छी तरह साफ करें।
- गीले पोछे से फर्श साफ करें, ताकि धूल न उड़े।
- अंकुरित अनाज, मूली और सरसों के पत्तों का सेवन करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गति बढ़ने तक प्रदूषण का असर बना रह सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

